बाराबंकी: शाखा प्रबधंक ने धोखाधड़ी से निकाली एक लाख से अधिक की धनराशि
रामसनेहीघाट,बाराबंकी, अमृत विचार। आर्यावर्त बैंक शाखा दरियाबाद के प्रबंधक व अन्य कर्मचारी द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का एक मामला प्रकाश में आया। जिसमें शाखा प्रबंधक द्वारा एक खाताधारक का डुप्लीकेट पासबुक जारी कर उसकी मृत्यु के बाद केसीसी बीमा क्लेम की धनराशि मंगा ली गई। मामले की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब शिकायत जिलाधिकारी से की गई है।
बीते 27 दिसम्बर 2019 को सीतापति द्वारा एक हजार रुपए बैंक से निकले और जब 15 मई 2020 को सीता पति पुनः अपना पैसा निकालने बैंक पहुंची तो पता चला कि 78500 रुपये शाखा प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी से निकाला जा चुका है। पासबुक पाते ही बैंक कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी व जालसाजी से निकाली गई धनराशि को पासबुक पर प्रिंट कर दिया गया। इसके बाद कई बार शिकायत की गई परंतु सुनवाई नहीं हुई। जिस पर भारतीय किसान यूनियन द्वारा बैंक शाखा परिसर दरियाबाद पर धरना प्रदर्शन के दौरान 28 अगस्त 2020 को शाखा प्रबंधक द्वारा लिख कर दिया गया की 25 कार्य दिवस के अंदर पात्र व्यक्ति को उसकी धनराशि दिलाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन शाखा प्रबंधक द्वारा न तो सीतापति का पैसा वापस कराया गया और न ही किसी दोषी पर कोई कार्रवाई की गई तथा बताया जाने लगा कि उपरोक्त जिस खाते में पैसा मंगवाया गया था वह खाता सीतापति पत्नी राम लखन निवासी कुशफर का नहीं है। अगर सीतापति पत्नी राम लखन का खाता नहीं है तो उनकी पासबुक क्यों जारी की गई और 27 दिसम्बर 2020 को 11हजार रुपए किस आधार पर निकल गए। जिसे लेकर लोगों का आर्यावर्त बैंक शाखा से विश्वास हटता जा रहा है। शाखा प्रबंधक व बैंक के कर्मचारियों को बचाने के लिए रीजनल मैनेजर द्वारा मनगढ़ंत आख्या लगाकर उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए लिखकर शिकायतों का निस्तारण कर देते हैं। जिसे लेकर जिलाधिकारी से शपथ पत्र के साथ शिकायत की गई। जिस पर जिलाधिकारी ने टीम बनाकर उच्च स्तरीय जांच करने का आश्वासन दिया है।
