कासगंज : चिकित्सक, स्टाफ के अभाव में दम तोड़ रहा सीएचसी गंजडुंडवारा

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Edited By Pradeep Kumar
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रेफर केंद्र बनकर रह गया है अस्पताल, जांच के लिए नहीं है पर्याप्त इंतजाम

गंजडुंडवारा/कासगंज, अमृत विचार। गंजडुंडवारा कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चिकित्सकों एवं स्टाफ के अभाव में दम तोड़ता जा रहा है। जिसके चलते आस-पास गांव से यहां इलाज करवाने पहुंच रहे लोगों को चिकित्सकों एवं स्टाफ के अभाव में मायूसी हाथ लग रही है। केंद्र पर पर्याप्त जांच नहीं है। सिर्फ रेफर केंद्र बनकर रह गया है।  क्षेत्रीय ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।हालांकि स्वास्थ्य  विभाग द्वारा सीएचसी पर चिकित्सकों एवं स्टाफ की अतिरिक्त आवश्यकता के लिए लगातार पत्राचार किए जा रहे है।इसके बावजूद भी कोई स्वास्थ्य विभाग का उच्च अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है।

गंजडुंडवारा स्वास्थ्य केंद्र की दिशा बद बदत्तर है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसकी वजह से स्वास्थ्य केंद्र रेफर सेंटर बनकर सीमित रह गया है। चिकित्सक और स्टाफ के अभाव में क्षेत्रीय लोग इलाज कराने के लिए झोलाछाप और निजी चिकित्सको के यहां पहुंच रहे हैं, जबकि प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक लगातार स्वास्थ्य सेवाओ को बेहतर करने के लिए निर्देश दे रहे हैं। इसके बावजूद भी गंजडुंडवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। सात चिकित्सको के सापेक्ष में मात्र दो ही चिकित्सको के सहारे चल रहा है। स्टाफ और फार्मासिस्ट का भी अभाव है।वही उपकरण एवं दवाओं के अभाव में दंत व हैम्योपैथी चिकित्सक बुखार खांसी के मरीजो को देख रहे है।ऐसे में एक ओर जहां मरीजों को घंटों तक लाइन में लगकर अपना इलाज करवाना मजबूरी है।वही अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्टाफ की भारी कमी से कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है,लेकिन स्वास्थ्य विभाग व्यवस्था दुरूस्त करने में स्वयं अक्षम प्रतीत नजर आ रहा है। 

आकंडो की नजर में...

पद - आवश्यकता - वर्तमान तैनाती  

मेडीकल आफिसर  - 6 - 2

फार्मेसिस्ट - 4 - 2

लेब टेक्नीशियन - 8 - 4

वार्ड बॉय - 7 - 4

स्टाफ नर्स- 8 - 5

ओटी टेक्नीशियन - 2 - 0

स्वीपर - 7 - 2

डायरेक्ट्रेट लेबल से चिकित्सकों एवं स्टाफ की नियुक्ति होती है, लेकिन वहां से कोई नई तैनाती न मिलने के चलते सीएचसी पर लगातार इनका आभाव बना हुआ है, जबकि मांग हेतु पत्राचार कर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। -डा. राजीव अग्रवाल, सीएमओ।

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