लखीमपुर खीरी:मोहाना नदी के उफनाने से 50 से अधिक गांवों में भरा पानी, रास्ते जलमग्न

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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भारत-नेपाल सीमा का संपर्क टूटा, आवागमन ठप, फसलें डूबी

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: बनबसा बैराज से बुधवार को 24 घंटे के भीतर रिलीज किए गए तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी के बाद तराई का क्षेत्र एक महीने में दूसरी बार बाढ़ की चपेट में आ गया है। मोहना नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी कोतवाली तिकुनियां क्षेत्र के करीब 50 से अधिक गांवों में घुस गया है। फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं। सड़कों पर दो से तीन फुट पानी चलने से आवागमन बंद हो गया है।

भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी का जलस्तर बुधवार की दोपहर के बाद तेजी से बढ़ने लगा था। इससे नदी का पानी सीमावर्ती गांव बेलापरसुआ, कड़िया, रमनगर, गंगानगर, दीपनगर गांव की तरफ तेजी से बढ़ने लगा था। लगातार नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने से सीमावर्ती गांवों के लोग परिवार और सामान समेत छतों और ऊंचे स्थानों पर चले गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि आधी रात के बाद पानी ने कड़िया, डांगा, दीप नगर, चांदनी पुरवा, फरेंदा फार्म समेत सैकड़ों गांवों में घुस गया। नदी किनारे के गांव रननगर, इंदरनगर, गंगानगर दाराबोझी, रघुनंदन पूरवा, जनकपुर, कौड़ियाला, अनूप नगर व नया पिंड में गुरुवार को पानी का सैलाब भर गया। तहसील प्रशासन ने खैरटिया स्थित गुरुद्वारा में बाढ़ पीड़ितों के भोजन की व्यवस्था कराई है। इन गांवों का संपर्क तिकुनिया से कट गया है।

फसले पूरी तरह पानी में डूब गईं
कड़िया-बेला परसुआ मार्ग समेत कई अन्य मार्गों पर दो से चार फुट पानी बहने से आवागमन पूरी तरह से ठप है। फसलें भी पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। इससे हालात और अधिक खराब होने की आशंका जाहिर की जा रही है। राजस्व विभाग की टीमें बचाव एवं राहत कार्य में जुटी हुई हैं। उधर पलिया के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। उनमें कई फुट पानी भर गया है। पलिया-भीरा मार्ग पर पानी का बहाव काफी तेज हो गया है। इससे आवागमन पूरी तरह से ठप है।  नायब तहसीलदार हरेराम ने बताया कि राजस्व टीम हालातों पर नजर रखे हुए है।

पलिया भीरा मार्ग पर पैदल चले लोग
पलिया- भीरा मार्ग पर प्रेम नगर के निकट सड़क पर चल रहे शारदा नदी के पानी के तेज प्रवाह के कारण गुरुवार को वाहन नहीं चले। पानी का प्रवाह तेज होते ही प्रशासन ने इस मार्ग पर सुरक्षा  की दृष्टि से आवागमन पूरी तरह से रोक किया। दोनों तरफ पुलिस तैनात कर दी। अनेक यात्री जहां वापस लौट गए, वहीं कुछ ने पानी में पैदल चलकर ही अपनी यात्रा तय की। इससे लोगों को भारी मुश्किलें उठानी पड़ीं।

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