असम: 'मियां मुस्लिमों' ने मोरीगांव में महिला शिक्षकों को किया उत्पीड़न, भाजपा विधायक के आरोप पर विस में विपक्ष ने जताई आपत्ति

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Edited By Amrit Vichar
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गुवाहाटी। असम विधानसभा में बृहस्पतिवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रमाकांत देवरी ने आरोप लगाया कि ‘बांग्लादेशी मियां मुस्लिमों’ ने मोरीगांव जिले में महिला स्कूली शिक्षकों का उत्पीड़न किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। 

विधानसभा अध्यक्ष बिश्बजीत दैमारी ने प्रश्नकाल में देवरी को शिक्षा मंत्री रनोज पेगू से एक पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति दी। देवरी ने कहा, ‘‘मोरीगांव में महिला शिक्षक बांग्लादेशी मियां मुस्लिमों से आतंकित हैं।’’ इस पर विपक्षी विधायकों की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई जिन्होंने आरोप लगाया कि सदन में जानबूझकर यह प्रश्न उठाया गया। 

देवरी ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों की ओर उंगली उठाते हुए कहा, ‘‘शांत हो जाइए, मुझे बोलने दीजिए।’’ एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने सत्तारूढ़ विधायक की भाषा शैली पर आपत्ति जताई। विधानसभा अध्यक्ष ने बार-बार देवरी से मुद्दे पर बात करने और विवादास्पद मुद्दे उठाने के बजाय सीधे पूरक प्रश्न पूछने को कहा। 

उन्होंने भाजपा विधायक से कहा, ‘‘आप सीधे प्रश्न क्यों नहीं पूछते? आप इधर-उधर की बातें क्यों कर रहे हैं?’’ उधर देवरी के समर्थन में भाजपा विधायकों ने कहा कि विपक्षी विधायक एक आदिवासी सदस्य को बोलने नहीं दे रहे। दोनों पक्षों के शोर-शराबा करने पर दैमारी ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। 

कार्यवाही पुन: शुरू हुई तो देवरी ने फिर से आरोप लगाया कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में पहले शिक्षकों को कथित तौर पर गोवंश का मांस खाने के लिए विवश किया गया था। नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया ने कहा, ‘‘किसी को तथ्यों के बिना कोई बात नहीं कहनी चाहिए। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो कार्रवाई होनी चाहिए।’’ 

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