लखीमपुर खीरी: जंगल की लव स्टोरी...आशिक हाथी छह महबूबाओं साथ फरार, वन विभाग को खबर लगी तो उड़े होश
ड्रोन कैमरों की मदद से ढूंढा गया एक नर व छह मादा हाथियों को
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। इश्क में माशूका के पीछे दौड़े चले जाने की कहानियां खूब सुनीं होंगी, लेकिन किसी वन्य जीवों की प्रेम कहानी के बारे में शायद ही आपने सुना हो। दरअसल, दुधवा नेशनल पार्क का मदमस्त राजकीय नर हाथी जंजीरों को तोड़कर भाग निकला, जिसके साथ चरने के लिए छोड़ी गईं छह राजकीय मादा हाथी भी चली गईं। इन सभी को वापस लाने के लिए अनेक कोशिशें की गईं, लेकिन मदमस्त गजराज सभी कोशिशों की परवाह किए बगैर प्यार में डूबा रहा। काफी मशक्कत के बाद गुरुवार को ड्रोन कैमरे की मदद से कई दिन बाद सातों को पकड़ लिया गया है।
उप निदेशक डॉ. रंगा राजू टी ने बताया कि पलिया की दक्षिण खीरी सोनारीपुर रेंज के अंतर्गत 14 अगस्त को राजकीय हाथियों को गैंडा पुनर्वास प्रथम क्षेत्र में चरने के लिए छोड़ा गया था। 15 अगस्त को इन्हें पकड़ने के लिए चारा कटरों ने प्रयास किया गया, तभी राजकीय नर हाथी गजराज मदमस्त होने के कारण जंजीरें/बेड़ियां तोड़ते हुए चराई क्षेत्र से बाहर चला गया और उसके साथ छह राजकीय मादा हाथी किरन, कावेरी, सुहेली, पवनकली, चमेली व सुलोचना भी चले गए। नर और मादा हाथियों की मॉनीटरिंग के लिए उन्होंने तत्काल क्षेत्रीय वन अधिकारी दक्षिण सोनारीपुर रेंज के नेतृत्व में महावतों और चाराकटरों समेत स्टाफ को नियुक्त कर दिया। इनकी ड्रोन कैमरे से निगरानी होती रही। गुरुवार की सुबह इन सभी को रेस्क्यू कर अभिरक्षा में लिया गया। टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी राजपाल सिंह, रोहित, रवि और विश्व प्रकृति निधि- भारत के विपिन सैनी और प्रोग्राम इंचार्ज संदीप कुमार भी मौके पर मौजूद रहे।
बदलता मौसम नर हाथी को मदमस्त करता है
उप निदेशक डॉ. रंगा राजू टी ने बताया कि यह मौसम हाथियों के प्रजनन काल का होता है। नर हाथी मदमस्त हो जाता है। हालांकि उसे एहतिहातन जंजीरों में रखा जाता है, लेकिन वह इन्हें भी तोड़कर छह हथिनियों के साथ चला गया था। काफी प्रयास और कई दिन बाद सभी को रेस्क्यू कर अभिरक्षा में ले लिया गया है। अब इन सभी हाथियों को कैम्प में वापस लाया गया है।
