अदालत का फैसला : गैर इरादतन हत्या के मामले में दम्पत्ति और बेटे को आठ वर्ष का कारावास

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Edited By Amrit Vichar
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बलरामपुर, अमृत विचार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने गैर इरादतान हत्या के मामले में पति,  पत्नी और बेटे को दोषी करार दिया है। जिला जज ने तीनों को 8-8 वर्ष की कैद और 30-30 हज़ार रुपए के अर्थ दण्ड की सजा सुनाई है।

थाना हरैया के ग्राम सिंगाही निवासी इरफान ने मुकदमा लिखाने का प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि 11 दिसम्बर 2019 को गांव के ही प्रेमकुमार , उनकी पत्नी श्याम कुमारी और पुत्र प्रदीप ने मेरे पिता अजीज़ को गंभीर रूप से मारापीटा, जिससे उनकी इलाज़ के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा लिखकर विवेचना शुरु किया। जांच के बाद विवेचक ने तीनों के खिलाफ़ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

सत्र परिक्षण के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने 7 गवाहों को न्यायालय में पेश किया और तीनों को कठोरतम सज़ा देने की अपील की। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला जज ने तीनो को गैर इराद्तान हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अर्थ दण्ड में से 40 हज़ार रुपए प्रतिकर के रूप में मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया है।

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