उप्र: भर्तियां नहीं हुईं तो रोडवेज बसों का बेहतर संचालन होगा बड़ी चुनौती
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में अधिकारी से लेकर चालक तक के खाली पदों पर जल्द भर्तियां नहीं हुई तो अगले साल से बसों का संचालन बड़ी चुनौती बन जायेगी। एक तरफ रोडवेज बस प्रबंधन बसों के बेड़े में लगातार बढ़ोतरी करने में जुटा है वहीं दूसरी तरफ एक के बाद …
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में अधिकारी से लेकर चालक तक के खाली पदों पर जल्द भर्तियां नहीं हुई तो अगले साल से बसों का संचालन बड़ी चुनौती बन जायेगी। एक तरफ रोडवेज बस प्रबंधन बसों के बेड़े में लगातार बढ़ोतरी करने में जुटा है वहीं दूसरी तरफ एक के बाद एक रोडवेज के अधिकारी सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं। हाल यह है कि प्रदेश भर के सभी डिपो को मिलाकर 75 सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के पद खाली हैं। एआरएम पद पर भर्ती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मुख्यालय से लेकर प्रदेश भर के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात रोडवेज अधिकारी अतिरिक्त प्रभार पर काम करने को बाध्य हैं। ऐसे में लगातार बसों का संचालन प्रभावित होने लगा है। संचालन से जुड़े अधिकारियों का सीधा कहना है कि जल्द ही भर्तिया नहीं हुई तो अगले साल से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलनी तो दूर बसों का संचालन पूरी तरह से प्रभावित हो जायेगा। इसी के चलते परिवहन निगम प्रशासन ने तत्काल 75 सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) की तत्काल भर्ती की तैयारी कर इसका प्रस्ताव शासन भेज दिया है। परिवहन निगम ने भर्ती के लिए मंजूरी मांगी है।
90 प्रतिशत अधिकारी हो जाएंगे सेवानिवृत्त
रोडवेज में वर्ष 1989 से भर्तियां नहीं हुई हैं। जबकि दूसरी तरफ पहले से तैनात अधिकारी एक-एक कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने पर मौजूदा एआरएम और आरएम के प्रमोशन की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में रोडवेज में तत्काल 75 एआरएम की भर्ती की आवश्यकता है। वर्ष 2022 तक 90 प्रतिशत अधिकारी सेवानिवृत हो जाएंगे।
2024 तक मुख्यालय से लेकर प्रदेश भर संविदा कर्मी नजर आयेंगे
2024 तक मुख्यालय से लेकर प्रदेश के क्षेत्रों तक विभिन्न पदों पर संविदा कर्मी ही नजर आएंगे। इसी के चलते भर्ती के लिए पत्र शासन को पत्र भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अगला वर्ष शुरु होने में दो महीने का समय है। अभी भर्तियां हो भी जाती हैं तो नए एआरएम को तैनाती में छह महीने का समय लग जाएगा।
दो चपरासी और 25 बाबूओं से चल रहा मुख्यालय
परिवहन निगम मुख्यालय पर चपरासी के 150 पद मौजूद हैं। इनके सापेक्ष मात्र 2 चपरासी ही काम कर रहे हैं। 350 बाबूओं के पद पर मात्र 25 लोगों से काम लिया जा रहा है। ऐसे में मुख्यालय स्तर पर होने वाले कार्य लंबित हो रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली फाइलें ऐसे ही पड़ी हैं।
“रोडवेज में लंबे अरसे से भर्ती नहीं होने के चलते सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसी के चलते शासन से तत्काल 75 एआरएम की भर्ती की मांग की गई है। इसके लिए प्रस्ताव भेजकर मंजूरी मांगी गई है।” -एसके दुबे, सीजीएम (प्रशासन) परिवहन निगम
