लखीमपुर खीरी: बारिश बनी आफत: बनवसा बैराज से छोड़ा गया 4.61 लाख क्यूसेक पानी, पलिया में अलर्ट

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Edited By Pradeep Kumar
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार बह रहे पानी में पलटा टैंकर, रोडवेज भी साफ बची

लखीमपुर/पलिया कलां (खीरी), अमृत विचार। गुरुवार से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। गुरुवार रात तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रास्तों, गलियों और खेतों में पानी भर गया। सड़कों पर पेड़ और खंभे गिर गए, जिससे प्रमुख मार्गों और हाइवे पर जाम लग गया। गन्ने की फसल गिरने के साथ ही धान की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। उधर, बनबसा बैराज से शुक्रवार को अलग-अलग समय में 4.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे शारदा नदी के किनारे स्थित गांवों में भीषण बाढ़ आने का खतरा है। 2021 में आई जबरदस्त बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पलिया तहसील क्षेत्र के गोविंद नगर कॉलोनी व भानपुरी खजुरिया के ग्रामीणों से जल्दी से जल्दी ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई। एसडीएम ने चेतावनी जारी की। वहीं पलिया-भीरा मार्ग पर पानी के तेज बहाव में टैंकर पलट गया।

बनवसा बैराज से करीब 4,61,548 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी एक बार पुनः उफना चली है। पलिया-भीरा के मध्य गांव प्रेम नगर के निकट करीब डेढ़ किलोमीटर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति में क्रॉस करने लगा। तेज बहाव के कारण एक टैंकर रोड से नीचे उतरकर जहां पलट गया, वहीं यात्रियों से भरी एक रोडवेज बस भी पलटते बची। तहसील प्रशासन ने इस मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध कर दिया है और मौके पर एनडीआरएफ टीम एवं पुलिस की तैनाती कर दी है। इसके अलावा शारदा के निकटवर्ती निचले इलाकों में रह रहे ग्रामीणों को डुग्गी पिटवाकर ऊंचे स्थानों पर चले जाने को कहा जा रहा है।

खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी शारदा
बनबसा बैराज से शुक्रवार अपराह्न 3:00 बजे 4,61,548 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने के बाद शारदा नदी पलिया में खतरे के निशान को पार कर 18 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है। साथ ही जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने शारदा नदी किनारे के गांव गोविंदनगर, खजुरिया, मेला घाट आदि गांवों को खाली करने की चेतावनी दे दी है। परिजनों सहित पालतू पशुओं और खाने-पीने का जरूरी सामान लेकर ऊंचे स्थानों पर चले जाने की डुग्गी पिटवाकर संदेश दिया जा रहा है। इसके बाद लोगों ने अपना सामान बटोरना शुरू कर दिया है।

रोडवेज बस पलटते बची 
सुबह करीब आठ बजे दिल्ली से गौरीफंटा आ रही एक रोडवेज बस गांव अतरिया और शारदा पुल के मध्य प्रेम नगर के निकट बह रहे पानी के तेज बहाव में रोड से नीचे उतरकर फंस गई। पलटते बची बस के यात्रियों में चीख- पुकार मच गई। बमुश्किल चालक ने उसे संभाला और यात्रियों को बाहर निकाला। कुछ देर बाद इसी मार्ग से निकल रहा एक तेल टैंकर पानी के तेज बहाव के कारण रोड से नीचे पहुंच पलट गया। गनीमत रही कि चालक को कोई चोट नहीं आई। 

फिर बंद कर दिया गया भीरा-पलिया मार्ग
शारदा नदी के तेज बहाव के मद्देनजर तहसील प्रशासन ने भीरा-पलिया मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को एक बार फिर दोनों तरफ रोक दिया। साथ ही मौके पर एनडीआरफ टीम एवं पुलिस की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल इस मार्ग पर यातायात अवरुद्ध हो गया है और लोगों को भीरा से लखीमपुर-निघासन होते हुए पलिया जाने की हिदायत दी जा रही है। इसी प्रकार पलिया से गोला, शाहजहांपुर और पीलीभीत, बरेली के लिए भी निघासन- लखीमपुर होकर जाने को बताया जा रहा है।

पलिया में बाढ़ आने की फिर बढ़ी संभावना
खतरे के निशान से ऊपर पहुंची शारदा नदी में अभी भी जिस गति से पानी बढ़ रहा है, उसको देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता है कि नदी के निकटवर्ती दर्जनों ग्रामों सहित पलिया नगर भी इससे अछूता रहेगा। लोगों का कहना है कि वह अभी पुरानी बाढ़ के जख्मों को पूरी तरह भर भी न पाए थे कि एक बार पुनः बाढ़ आने की संभावना बढ़ गई है।

पानी बढ़ने की डुग्गी पिटते ही सामान समेटने लगे लोग
बनबसा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद तहसील प्रशासन द्वारा डुग्गी पिटवाए जाने से हड़बड़ाए नदी तटवर्ती ग्राम गोविंद नगर, खजुरिया, लगदहन, मेला घाट, श्रीनगर आदि के ग्रामवासी अपनी घर-गृहस्थी का सामान बटोर ऊंचे स्थान को जाने लगे हैं।

बढ़ते जलस्तर के साथ प्रशासन अलर्ट: डीएम ने की सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील
लखीमपुर खीरी। बाढ़ की संभावित विभीषिका, नदियों में बढ़ने वाले जलस्तर को लेकर डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। साथ ही सभी एसडीएम को दिशा निर्देश दिए हैं। सभी लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम को भी नदी किनारे रहने वाले लोगों को बाढ़ से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए ताकीद किया गया है। डीएम ने जनता से अपील की है कि घबराएं न अपने को सुरक्षित कर लें। प्रशासन हर स्थिति से निपटने को तैयार है। जनता को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। शारदा नदी के निकटवर्ती गांव जहां जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने की थोड़ी भी आशंका है, वहा के ग्रामवासियों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की।

बैराज से छोड़े गए पानी का 30 घंटे बाद दिखेगा असर 
अधिशाषी अभियंता (बाढ़खंड) शारदा नगर अजय कुमार ने बताया कि नेपाल राष्ट्र और उत्तराखंड राज्य में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बनबसा बैराज से डाउनस्ट्रीम में शुक्रवार को दिन में तीन बजे 4.61लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगातार बारिश होने के कारण अभी और डिस्चार्ज बढ़ने की संभावना है। शारदा बैराज पर लगभग 30-35 घंटे में इसका असर आने की संभावना है, जिसके कारण शारदा बैराज से लगभग 03 लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होगा। चूकि घाघरा नदी में भी डिस्चार्ज निरंतर बढ़ रहा है, जिससे निचले हिस्सों में कई दिनों तक जलभराव बने रहने की संभावना है। इसलिए सतर्कता और सावधानी बरतने की जरूरत है।

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