श्री करतारपुर साहिब मुद्दे को लेकर विदेश मंत्रालय पहुंची डीएसजीएमसी

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नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने पाकिस्तान सरकार द्वारा ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब श्री करतारपुर साहिब का प्रबंधन परियोजना प्रबंधक इकाई (पीएमयू) के हवाले करने का मामला उठाते हुए विदेश मंत्रालय से अपील की है कि सिख भाईचारे की भावनाओं का ख्याल रखते हुये यह मामला तुरंत पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाया जाये …

नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने पाकिस्तान सरकार द्वारा ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब श्री करतारपुर साहिब का प्रबंधन परियोजना प्रबंधक इकाई (पीएमयू) के हवाले करने का मामला उठाते हुए विदेश मंत्रालय से अपील की है कि सिख भाईचारे की भावनाओं का ख्याल रखते हुये यह मामला तुरंत पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाया जाये और गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब का प्रबंध पुनः पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा कमेटी को सौंपा जाए।

कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं पाकिस्तान डेस्क के प्रभारी जेपी सिंह से मुलाकात कर उनके मामले की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने जेपी सिंह को बताया कि पाकिस्तान में बार-बार इस तरह का भेदभाव, जबरदस्ती और जुल्म कर अल्पसंख्यकों में दहशत पैदा की जा रही है और यह फैसला हैरान करने वाला है।

इस दौरान मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि पहले श्री करतारपुर साहिब का प्रबंध महिन्द्रपाल सिंह, गोपाल चावला, रवि कुमार और सननेनाला रूट की मौजूदगी वाली ईटीपीबी की चार सदस्यीय कमेटी के पास था। फिर इन्हें ईटीपीबी से बाहर किया गया और अब गैर सिखों को पीएमयू में शामिल किया गया है। पाकिस्तान सरकार गुरुद्वाराें को बिजनेस मॉडल बता रही है जो बिल्कुल गलत व तर्कहीन बात है। गुरुद्वारा साहिब ना तो कभी बिजनेस मॉडल थे और ना होंगे।

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