संसद सत्र से पहले विपक्ष की रणनीति तय, राम मंदिर और नीट मामले पर सरकार को घेरने की तैयारी
मानसून सत्र से पहले विपक्षी दलों ने रणनीति तय की। राम मंदिर, नीट पेपर लीक और छात्रों के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी
दिल्ली। संसद के मानसून सत्र को लेकर विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। सोमवार को हुई विपक्षी नेताओं की बैठक में फैसला लिया गया कि सत्र के दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित मुद्दों, परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में हुई इस बैठक में दोनों सदनों के विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में संसद सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों और विपक्ष की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के जयराम रमेश और प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव, तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय और सागरिका घोष, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले समेत कई अन्य विपक्षी नेता मौजूद रहे।
नीट पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर चर्चा की मांग
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दलों ने तय किया है कि संसद में नीट पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि सरकार को इन मामलों पर सदन में जवाब देना चाहिए। इसके अलावा विपक्ष ने राम मंदिर से जुड़े कथित 'चढ़ावा चोरी' के मुद्दे, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और विदेश नीति से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की मांग करने का फैसला किया है।
सर्वदलीय बैठक में भी उठाए थे मुद्दे
विपक्षी नेताओं ने रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में भी इन मुद्दों को उठाया था और संसद में चर्चा की मांग की थी। विपक्ष का कहना है कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। हालांकि, बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच द्रमुक ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद विपक्षी दलों ने मानसून सत्र के लिए अपनी संयुक्त रणनीति तैयार कर ली है।
