शाहजहांपुर: पहले अपना लिया था इस्लाम, अब दोबारा हिंदू धर्म में की घर वापसी

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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दो महिलाओं समेत तीन ने अपनाया हिंदू धर्म, गंगाजल से कराया गया शुद्धिकरण

शाहजहांपुर, अमृत विचार। एक महिला और युवक ने शुक्रवार को हिंदू धर्म में वापसी की जबकि एक मुस्लिम महिला ने हिंदू धर्म से प्रभावित होकर धर्म परिवर्तन किया। साध्वी प्राची की मौजूदगी में तीनों का गंगा जल से शुद्धीकरण कराया गया। हवन में आहुति डलवाने के बाद उन्हें विधि विधान से सम्मिलित किया गया।
हिंदू युवा संगठन के प्रदेश सरंक्षक राजेश अवस्थी ने बताया कि दोनों महिलाओं और युवक ने संपर्क किया। वे खुद को बहुत परेशान बताकर घर वापसी करना चाहते थे। उनसे बात की और पूरे मामले को समझा इसके बाद हिंदू जागरण मंच समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारियों से मंत्रणा की। शुक्रवार को खिरनीबाग स्थित श्री राम दरबार मंदिर में घर वापसी कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें हवन व गंगाजल से शुद्धिकरण प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक महिला और युवक की हिंदू धर्म में वापसी कराई। जबकि दूसरी महिला ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया।

हिंदू धर्म में वापसी करने वाली एक महिला ने बताया कि उसे प्यार के जाल में फंसाकर मुस्लिम बनाया गया। इसके बाद उसका उत्पीड़न किया गया। परेशान होकर उसने उक्त संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क किया और वापसी की इच्छा जाहिर की। दूसरी महिला ने कहा कि उसके पूर्वज मुस्लिम हैं लेकिन वह हिंदू धर्म के सांस्कृतिक क्रिया कलापों से प्रभावित है। हिंदू धर्म में महिलाओं को बहुत सम्मान दिया जाता है। उसकी हिंदू धर्म में आस्था है। इसीलिए बहुत सोच विचारकर उसने हिंदू धर्म अपनाया। वहीं युवक ने बताया कि उसे मुस्लिम लड़की से प्यार था। उससे शादी करना चाहता था। उसे धमका कर मुस्लिम बनाकर निकाह करा दिया गया। लेकिन उसका दम घुटता था लिहाजा उसने वापसी का फैसला किया। राजेश अवस्थी ने बताया कि हिंदू धर्म में आने के बाद पुवायां निवासी महिला का नया नाम मुस्कान रखा गया है। जबकि खुटार निवासी महिला को नया नाम रानी दिया गया है।

यहां सात जन्मों का साथ है
कार्यक्रम में शामिल साध्वी डॉ. प्राची ने कहा कि अब बच्चियां पढ़ी-लिखी हैं। हिंदू धर्म में हलाला और तलाक नहीं हैं। यहां सात फेरों का बंधन और सात जन्मों का साथ है। जो लड़कियां लव जिहाद में फंसती हैं, उन्हें थोड़े दिन में असलियत पता चल जाती है। जो मुस्लिम बहनें हिंदू धर्म में आईं हैं, उनका जीवन सुरक्षित है।

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