मुरादाबाद: पुलिस ने किया दोहरे हत्याकांड का खुलासा, दो गिरफ्तार
मुरादाबाद, अमृत विचार। नागफनी थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बदले की भावना से हत्या करने की बात कबूल की है। हालांकि उनका कहना था कि उनका इरादा केवल प्रापर्टी डीलर की हत्या करना था, लेकिन आंख खुलने पर …
मुरादाबाद, अमृत विचार। नागफनी थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बदले की भावना से हत्या करने की बात कबूल की है। हालांकि उनका कहना था कि उनका इरादा केवल प्रापर्टी डीलर की हत्या करना था, लेकिन आंख खुलने पर जब समरीन ने विरोध किया तो ताबड़तोड़ वार कर उसे भी मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर लूट के मोबाइल व वारदात में प्रयुक्त आला कत्ल भी बरामद कर लिया है। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीमों को ईनाम देने की घोषणा की है। करीब एक सप्ताह पहले नागफनी थाना क्षेत्र में मोहल्ला किसरौल निवासी प्रापर्टी डीलर नजारत हुसैन उर्फ नजरू व उसकी बेटी समरीन की धारदार हथियारों से वार कर निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। एसएसपी ने फारेंसिक के अलावा पांच टीमों को खुलासे में लगाया था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शुक्रवार को इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
पुलिस लाइन में खुलासा करते हुए एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि इस मामले में प्रापर्टी डीलर के पड़ोस में रहने वाले मन्नान व उसके साथी मोहल्ला न्यारियान बड़ा अब्बासिया निवासी यूनुस को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मन्नान मीट बेचने के अलावा सिलाई का काम करता है। जबकि यूनुस किसी फैक्ट्ररी में मजदूरी करता है।
बकौल एसएसपी करीब ढ़ाई माह पहले लाकडाउन के दौरान नजारत हुसैन मीट लेने के लिए मन्नान की दुकान गया था। लेग पीस को लेकर उनके बीच विवाद हो गया था। जिस पर नजारत हुसैन ने मन्नान की पिटाई कर दी थी। जबकि बाइक टकराने को लेकर यूनुस से प्रापर्टी डीलर का विवाद हो गया था। बकौल एसएसपी दोनों ने मिलकर नजारत की हत्या करने की साजिश रची। वारदात की रात यूनुस पड़ोस में रहने वाले मन्नान के घर आया। इसके बाद दोनों सीसीटीवी कैमरे से बचते हुए करीब तीन छत पार करके नजारत के घर में घुस गए।
केवल प्रापर्टी डीलर को था मारने का इरादा
बकौल एसएसपी उनका इरादा केवल प्रापर्टी डीलर की हत्या करना था। लिहाजा कुछ नशीला पदार्थ सुघांकर उन्होंने बेड पर सो रही समरीन को बेहोश करने की कोशिश। हालांकि बेहोश होने की बजाए उसकी आंख खुल गई। उसने विरोध किया तो नजारत भी जग गया। जिस पर पहले यूनुस ने नजारत पर चाकू से वार कर दिया। करीब सात वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया। पकड़े जाने के डर से बाद में यूनुस ने समरीन पर चाकू से वार किया।
हालांकि तीन-चार वार करने के बाद भी समरीन संघर्ष करती रही। बकौल एसएसपी, समरीन ने जब यूनुस का पैर पकड़ लिया तो उसे छुड़ाने के लिए मुन्नान ने गंडासे से कई वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया। बाद में दोनों के मोबाइल और अलमारी में रखे करीब पांच हजार नकद व तीस हजार के जेवर लेकर भाग गए। जाते समय मन्नान के पैर खून से सन गए, जिसके निशान फर्श पर आ गए। बाद में दोनों छत के रास्ते से वापस लौटे, आला कत्ल छुपाने के बाद हाथ-पैर धोए।
जला दिए खून से सने कपड़े, फेंके मोबाइल
एसएसपी प्रभाकर चौधरी के अनुसार वारदात के बाद अगले दिन दोनों ने 29 हजार रुपए में लूट के जेवर बेंच दिए। पैसों से नए कपड़े, मोबाइल व शराब खरीदी। इसके बाद दोनों रामगंगा नदी के किनारे पहुंचे। जहां पर शराब पीने के बाद दोनों ने खून से सने कपड़े जला दिए और मोबाइल नदी में फेंक दिए। जले कपड़ों की राख बरामद कर ली गई है। वहीं मोबाइल की बरामदगी के लिए कई घंटे तक इंजन की सहायता से नदी का पानी निकाला गया।
नजारत के मोबाइल पर सिम डालते ही आए रडार में
एसएसपी ने बताया कि इस खुलासे में सबसे बड़ी सफलता उस वक्त मिली जब कुछ घंटों के बाद नजारत हुसैन का मोबाइल चंद मिनट के लिए एक्टिव हुआ। उन्होंने बताया कि नदी में दोनों मोबाइल फेंकने से पहले आरोपी यूनुस ने नजारत का फोन आन किया। इतना ही नहीं उसने उस फोन पर अपना सिम भी डाला। हालांकि बिना कोई काल किए उसने कुछ देर बाद सिम निकाल लिया। फोन एक्टिव होते ही जब काल डिटेल निकलवाई तो यूनुस पुलिस की रडार पर आ गया। उसे उठाकर पूछताछ की तो उसने मन्नान के शामिल होने की बात कही। बकौल एसएसपी दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया है।
