पुनर्वास विश्वविद्यालयः वाल्मिकी ने आदर्श राज्य की परिकल्पना की थी, बोले कुलपति

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Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: महर्षि वाल्मीकि जयन्ती पर डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में वाल्मीकि रामायण में मानवीय मूल्य विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि वाल्मीकि ने एक ऐसे आदर्श राज्य की परिकल्पना की थी, जहां प्रजा की सुरक्षा और खुशहाली हो, जहां धर्म और अर्थ, दोनों की अभिवृद्धि हो। उन्होंने संस्कृत में कहा कि न चाति प्रतिकूलेन नाविनीतेन राक्षस अर्थात जनता के प्रतिकूल चलने वाले राजा से राज्य की रक्षा नहीं हो सकती।

मुख्य अतिथि प्रो. राम सुमेर यादव ने कहा कि व्यवस्था कैसी भी हो, पर जनता का हित सर्वप्रमुख है। जहां जनता का हित उपेक्षित है, वहां जनता द्वारा व्यवस्था भी उपेक्षित हो जाती है। अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. वीके सिंह ने अपने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, धन्यवाद ज्ञापन स्थायी समिति की संयोजिका डॉ. आद्या शक्ति राय व संचालन डॉ. विजेता दुआ द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. शैफाली यादव, प्रो. अवनीश चंद्र मिश्रा, प्रो. पी. राजीव नयन, प्रो. वीरेंदर सिंह यादव आदि के साथ शिक्षकवृन्द व विद्यार्थी मौजूद रहे।

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