मुरादाबाद देश का दूसरा प्रदूषित शहर, छाई धुंध
मुरादाबाद, अमृत विचार। मौसम के बिगड़े मिजाज से मुरादाबाद की दिक्कत बढ़ती जा रही है। ठंड की आहट से सूरज की तपिश कम होती जा रही है और शहरी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता खराब होने का सिलसिला रुक नही रहा है। शुक्रवार को दिन भर हवा की गुणवत्ता के रंग बदलते रहे। सच तो …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मौसम के बिगड़े मिजाज से मुरादाबाद की दिक्कत बढ़ती जा रही है। ठंड की आहट से सूरज की तपिश कम होती जा रही है और शहरी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता खराब होने का सिलसिला रुक नही रहा है। शुक्रवार को दिन भर हवा की गुणवत्ता के रंग बदलते रहे। सच तो यह कि यहां हवा में धूल और जानलेवा कण कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मुरादाबाद देश के सर्वाधिक प्रदूषित पांच शहरों के दूसरे स्थान पर जकड़ा रहा।
राहत की बात यह रही कि गुरुवार की तुलना में हवा कुछ साफ तो हुई, जिससे यहां की एक्सयूआई एक पायदान नीचे खिसक गयी। यानी कि मुरादाबाद दूषित हवा वाले शहर के दूसरे पायदान पर रहा। पुराने शहर में सांस लेने के दौरान होने वाली परेशानी देर शाम तक चर्चा में रही। सामाजिक क्षेत्र में काम करने वालों ने प्रदूषण के इस खतरे से बचने की कवायद की।
प्रशासन की भी चिंता देखी गयी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने सप्ताह भर से खराब हुई हवा को लेकर जिम्मेदारों से सवाल-जवाब किया। यह दीगर है कि इस दौरान विभाग ने शहर की हवा की खराबी के लिए यहां के उद्योग धंधे को तनिक भी जिम्मेदार नहीं माना।
वाहन जनित प्रदूषण को मानवजीवन के लिए खतरनाक साबित किया। ऐसे में अगर पुराने वाहनों की चर्चा करें तो विभाग के रिकार्ड में यहां पंजीकृत नब्बे हजार वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जिले में कुल 5.5 लाख वाहन पंजीकृत हैं। नगर निगम को इस कार्य के जारी पत्र की समीक्षा की गयी। जबकि जगह-जगह कूड़ा जलने का क्रम जारी रहा।
कहीं नगर निगम के सफाईकर्मी से ऐसा किया था तो कहीं अज्ञात वजह से घास और कूड़ा में आग फैल गयी थी। शहर के करूला क्षेत्र में दोपहर के समय आग धधकती दिखी। आरटीओ कार्यालय के नजदीक और कोहिनूर तिराहा के बीच कचरा में आग फैली रही।
देश के पांच प्रदूषित शहर
शहर एक्यूआई
फतेहाबाद 466
मुरादाबाद 457
लखनऊ 447
कानपुर 441
गाजियाबाद 436
मनमानी की हद है भाई
मंडी समिति के मुख्य द्वार पर पुलिस चौकी है और दूसरी ओर मंडी समिति के सचिव का कार्यालय। धर्मकाटा से सड़क मंडी की ओर जा रही है। इससे होकर वाहन मंडी परिसर के पार आते-जाते हैं। किसान और देश के विभिन्न राज्य से आने वाले वाहनों का प्रवेश द्वार भी यही है। कोरोना काल में सतर्कता के मद्देनजर गेट और परिसर में पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है लेकिन, उसके बाद भी जिंदगी से खिलवाड़ का क्रम नहीं रुक रहा है। शुक्रवार को बीच सड़क वाहनों से निकला पराली दोपहर में जला दिया गया। ऐसा करने वाले को शायद यह पता नहीं है कि इस समय धुआं जिंदगी के लिए खतरा बन सकता है। जबकि गेट पर तैनात पुलिस बल ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।
विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी (प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड)
शहर में हवा की जांच का केंद्र जहां स्थापित है, उसके नजदीक रेलवे का गोदाम है। इस वजह से कई बार रिपोर्ट डरावनी आ जाती है। इस समय देश भर में हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। मुरादाबाद में वाहन जनित प्रदूषण इसके लिए अधिक जिम्मेदार है। पराली के मामले यहां प्रकाश में नहीं आये हैं। नगर निगम, कारखाना संचालक, परिवहन विभाग के समन्वय में हमारा विभाग है। उद्योग से यहां प्रदूषण की बात प्रमाणित नहीं है, उसके बाद भी विभाग की तरफ से 11 उद्योग संचालकों को नोटिस जारी है। कारखानों की चिमनी की पड़ताल की जा रही है।
