Kannauj: ऑनलाइन मंगाया ओवेन, कुछ महीने में हो गया खराब, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भुगतान वापस करने का सुनाया फैसला

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Edited By Amrit Vichar
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कन्नौज, अमृत विचार। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष जगन्नाथ मिश्र, सदस्य वंदना मिश्रा और लोकेश पुंडीर की पीठ ने आकाश राठौर निवासी सरायमीरा बनाम बीएस रिटेल नई दिल्ली व बजाज इलेक्ट्रिक मुंबई मामले में फैसला दिया। कहा है कि ओवेन की कीमत समेत अन्य मदों का कुल नौ हजार रुपये वादी को दिया जाए। आरोप है कि गारंटी व वारंटी अवधि में ओवेन खराब हो गया। सही कराने के एवज में रुपये की मांग हुई। इसको लेकर आकाश ने उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया था। 

तहसील के अधिवक्ता यादवेंद्र किशोर यादव ने बताया कि आकाश ने 20 फरवरी 2021 को मर्फी 20 लीटर ओवेन ऑनलाइन मंगाया था। इसका ऑनलाइन भुगतान 5,999 रुपये किया गया। 22 फरवरी को ओवेन मिला था। कुछ महीने में ही ओवेन खराब हो गया और खाना नहीं गर्म हुआ। इसको लेकर कई बार शिकायत हुई तो मिस्त्री को भेजकर विपक्षी ने सही करा दिया। 20 दिन के अंदर ओवेन फिर खराब हो गया। विपक्षी को समस्या बताई तो तीन हजार रुपये खाते में डालने की बात कही। 

वादी का कहना है कि गारंटी समय में मरम्मत का भुगतान नहीं किया जाता है इसलिए उसे नया ओवेन दिलाया जाए। 17 मई 2022 को नोटिस के बाद भी ओवेन नहीं बदला गया न ही उसका उत्तर आया। उपभोक्ता आयोग ने कहा है कि ओवन की कीमत 5,999 रुपये निर्णय की तारीख से 30 दिन के अंदर वादी को भुगतान की जाए। इस अवधि में एक हजार रुपये परिवाद व्यय व एक हजार रुपये मानसिक कष्ट का भी वादी को दिया जाए। धनराशि मिलने के बाद खराब ओवन विपक्षी को लौटा दें।

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