उद्योग को राहत

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Edited By Amrit Vichar
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में उद्योग जगत को राहत देने वाला बड़ा निर्णय लिया गया है। इसे उद्योग जगत को केंद्र सरकार की ओर से दीपावली का तोहफा भी माना जा सकता है। दरअसल, सरकार ने 10 प्रमुख सेक्टर्स को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि देने का …

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में उद्योग जगत को राहत देने वाला बड़ा निर्णय लिया गया है। इसे उद्योग जगत को केंद्र सरकार की ओर से दीपावली का तोहफा भी माना जा सकता है। दरअसल, सरकार ने 10 प्रमुख सेक्टर्स को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है।

इसके तहत केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल और ऑटो पुर्जे, दूरसंचार, दवा, विशेष रसायन, पूंजीगत सामान, प्रौद्योगिकी उत्पाद, सफेद वस्तुएं, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नेटवर्किंग उत्पाद, टेक्सटाइल्स, एसी, एलईडी और उन्नत बैटरी सेल को शामिल किया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, करीब दो लाख करोड़ के उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि देने के फैसले से देश का उत्पादन, रोजगार और निर्यात बढ़ेगा। इसका लाभ बाहर से आई मोबाइल कंपनियों और देश की कंपनियों को भी मिलेगा। फार्मा क्षेत्र और स्टील उद्योग को भी लाभ पहुंचेगा।

कोरोना काल में जहां पूरा विश्व प्रभावित हुआ उद्योग जगत को भी इससे काफी नुकसान पहुंचा है। बाजार तो प्रभावित हुआ ही। लॉकडाउन में मैन्युफैक्चरिंग भी थम गई। श्रमिक लॉकडाउन में घर लौट गए थे। कारखाने बंद हो गए जो महीनों बंद रहने के बाद खुल सके लेकिन तब तक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को काफी नुकसान हो चुका था। ऐसे में, देश का उद्योग जगत सरकार से बड़ी राहत की उम्मीद लगाए हुए था। इस लिहाज से यह निर्णय बेहद अहम है।

इस फैसले के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा- आत्म निर्भर भारत को साकार करने की दृष्टि से यह निर्णय महत्वपूर्ण है। यह दीवाली के मौके पर उद्योग क्षेत्र को एक बहुत बड़ा तोहफा है। जावड़ेकर के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी का 16 फीसद हिस्सा है। हमें मैन्युफैक्चरिंग हब बनना है तो इसे बढ़ाना होगा। हमारे यहां आयात ज्यादा होता है और निर्यात कम होता है। आज तक उत्पादन और निर्यात बढ़ाने के बहुत प्रयास हुए पर सफलता नहीं मिली।

गौरतलब है कि लॉकडाउन के बीच केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक रियायतों का ऐलान किया गया था। अब जब त्योहारी सीजन आया है और दोबारा सब कुछ खुलने लगा है तो फिर अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है। ऐसे में दीपावली से पहले मैन्युफैक्चरिंग उद्योग को सहूलियत मिलना उचित है। इसी तरह कोरोना काल में प्रभावित हुए बाकी लोगों को भी सरकार से राहत की उम्मीद की जानी चाहिए।

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