मुरादाबाद: शहर की गुणवत्ता सही करने को डिवाइडर पर रखे जाएंगे गमले
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद की चमक पर जिस तरह से प्रदूषण ने ग्रहण लगाया है, उसने अफसरों की नींद उड़ा दी है। दिन पर दिन बढ़ते जा रहे पर्यावरण के खतरे को कैसे कम किया जाए, इस पर मंथन भी चल रहा है। अच्छी बात यह है कि इस मंथन में नगर निगम ने एक …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद की चमक पर जिस तरह से प्रदूषण ने ग्रहण लगाया है, उसने अफसरों की नींद उड़ा दी है। दिन पर दिन बढ़ते जा रहे पर्यावरण के खतरे को कैसे कम किया जाए, इस पर मंथन भी चल रहा है। अच्छी बात यह है कि इस मंथन में नगर निगम ने एक बेहतरीन उपाय खोज निकाला है।
दूषित हवाओं और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण कसने के लिए विभिन्न प्रकार के पौधों और पुष्पों का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों ने धरातल स्तर पर काम करना भी शुरू कर दिया है। शहर के जिन मार्गों पर डिवाइडर हैं, उन पर गमले रखे जाएंगे। खूबसूरत व प्रदूषण नाशक पौधों को इन गमलों में लगाया जाएगा। करीब 200 गमले सड़कों पर रौनक बिखेरते दिखेंगे। इसके लिए निगम करीब 10 लाख रुपये खर्च करने जा रहा है।
नगर निगम की सहायक नगर आयुक्त दीप शिखा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने संबंधित जेई व निगम के उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ इस पर तेजी दिखानी शुरू कर दी है। शुरू में डिवाइडरों की चौड़ाई का नाप लिया जा रहा है। शहर में आठ, 12 व 14 इंच की चौड़ाई के डिवाइडर हैं। कांठ, दिल्ली, रामपुर रोड मार्ग के इन डिवाइडरों का नाप लिया जा रहा है। जितने चौड़े डिवाइडर होंगे, उस पर उतने ही चौड़े गमले रखे जाएंगे। डिवाइडरों पर जहां बिजली के पोल लगे हैं, वहां दो खंभों के बीच दस गमले रखने की योजना है। गमले आरसीसी के होंगे, जिससे उनकी मजबूती बनी रहे। उनको कलरफुल भी किया जाएगा।
अभी इस पर गमलों के कुछ नमूने लिए गए हैं। जिनके द्वारा उनका साइज को निश्चित किया जाएगा। फिलहाल जो योजना है, वह यह कि जो गमले लगेंगे वे आठ, 12 व 14 इंच के होंगे। सैम्पलिंग के बाद करीब सप्ताह भर में इस पर इस्टीमेट तैयार किया जाएगा, जो आंकलन किया जा रहा, उस हिसाब से आठ से दस लाख रुपये गमलों पर खर्च हो सकते हैं। करीब दो सौ गमलों को खरीदा जा सकता है। सहायक नगर आयुक्त दीप शिखा का कहना है कि इस योजना पर काम चल रहा है। बजट तैयार होते ही टेंडर जारी किया जाएगा। इसी महीने इसे पूरा करने का प्रयास रहेगा।
दूषित हवाओं से सुरक्षा देंगे पौधे
नगर निगम के उद्यान विभाग के आरएस बिष्ट ने बताया की पौधे दूषित हवा को शुद्ध करने में बेहद निपुड़ होते हैं। पौधे हवा में घुले धूल के कणों को सौख लेते हैं। इससे बहती हवा फिल्टर हो जाती है। मार्ग पर दौड़ते वाहनों के बीच धूल अधिक उड़ती है। इससे प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए मार्ग पर पौधे लगे होने से पर्यावरण की सेगत पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही फुलवारी व हरियाली प्राकृतिक रूप से ही पर्यावरण व लोगों के लिए खूबसूरती का प्रतीक है और सेहत के लिए लाभदायक है।
बोलार्ड लाइटों की चोरी से लेंगे सबक
डिवाइडर पर गमले केवल यूंही रखे जाएंगे या फिर उनको स्थायी रूप से लगाया जाएगा। इसपर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। पर जिस रफ्तार से बोलार्ड लाइटें गायब हुई हैं, एक सबक निगम अफसर इससे ले सकते हैं। प्रवर्तन दल के सीओ एके गौतम ने बताया कि गमले केवल रखे जाते हैं तो उनके गायब होने की आशंका ज्यादा होगी। इसलिए उनकी सुरक्षा पर ध्यान देते हुए ही इस बिंदु को शामिल किया जा सकता है।
संजय चौहान, नगर आयुक्त
पर्यावरण को दूषित होने से बचने के लिए प्रयास चल रहे हैं। हरियाली फुलवारी के माध्यम से भी दूषित होती हवा को शुद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है। डिवाइडरों पर गमले लगाने की योजना साकार होते ही पर्यावरण की सेहत पर कुछ असर जरूर पड़ेगा और मार्ग पर खूबसूरत वतावरण भी नजर आएगा।
