लखनऊ: MMU ने एक महीने में 3 हजार से अधिक मरीजों तक पहुंचाई निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट (एनएमएमयू) उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और पिछड़े इलाके के लोगों के लिए संजीवनी बन गया है। 2019 से उत्तर प्रदेश के 53 जिलों में 172 राष्ट्रीय मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन सफलता पूर्वक किया जा रहा है। जिसके जरिये अब तक 1 करोड़ 50 लाख से ज्यादा लोग घर बैठे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले चुके है। जिनमें से 26 लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों का लैब टेस्ट भी किया जा चुका है। प्रत्येक एमएमयू में एक एमबीबीएस डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन तथा फार्मासिस्ट तैनात रहते हैं।

उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निर्देशन में केएचजी हेल्थ सर्विसेज की तरफ से एमएमयू सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। कंपनी के मैनेजर(आईईसी)विशाल मिश्रा ने बताया कि लखनऊ में संचालित दो मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा नवंबर माह में शहर के घनी आबादी वाले विभिन्न इलाकों में जाकर 3087 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई। इस दौरान 851 लोगों की डेंगू ,ब्लडप्रेशर, मलेरिया, हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन, प्रोटीन, टीएलसी, डीएलसी, ईसीजी व अन्य जांचे की की गई और निशुल्क दवा उपलब्ध कराई गई।

लखनऊ में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिये नवंबर माह में चिनहट,सरोजनी नगर नगराम,सदर,गोसाईगंज ब्लाक के तहत आने वाले फैजुल्लागंज, प्रगति बाजार, सेक्टर 16 इंदिरा नगर, मटियारी चौराहा, हरिओम मंदिर, कपूर मार्केट, हुसैनाबाद, सरोजनी नगर, विशाल खंड, सरयू एन्क्लेव, खाटू श्याम मंदिर, गोमती रिवर फ्रंट आदि स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप लगाया गया, जिसमें लोगों को निशुल्क जांच व दवा उपलब्ध कराई गईं।

एमएमयू संख्या यूपी 32 एलएन 4214 पर तैनात डॉक्टर निहारिका ने बताया कि महिलाओं के साथ साथ पुरुषों में भी आर्थराइटिस की संख्या में इजाफा हो रहा है। सबसे ज्यादा ज्वाइंट पेन, बुखार,जुखाम, तथा विटामिन डी और कैल्शियम की कमी के कारण मरीज एमएमयू पर इलाज के लिए आ रहे है जिन्हें दवा उपलब्ध कराई जा रही है। 

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