लखनऊ: 'दर्पण' दिखाएगा आदर्श सामूहिक विवाह के सच का आइना, जानें इस एप के बारे में

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19 जिलों में 1 अप्रैल से 13 दिसंबर 2024 तक एक भी जोड़ों का नहीं हुआ सामूहिक विवाह

राजीव शुक्ला/लखनऊ, अमृत विचार। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नौ माह के दौरान 19 जिलों में एक भी जोड़ों का विवाह नहीं हुआ है। जिला समाज कल्याण अधिकारियों समेत अन्य को अब ''दर्पण एप'' का भय सता रहा है। दर्पण एप जिलों में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को सामने ला देगा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रदेश के 75 जिलों को लक्ष्य दिया गया था। वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 1,06,911 जोड़ों का विवाह कराया जाना है। 1 अप्रैल से 13 दिसंबर 2024 के बीच प्रदेश के 19 जिलों में एक भी विवाह नहीं हुए हैं।

जानें दर्पण एप के बारे में
दर्पण एप के माध्यम से सरकारी डाटा को आकर्षक बनाया जा सकता है। यह प्रशासन को एक उपकरण देता है, जो वेब सेवाओं के माध्यम से कोडिंग या प्रोग्रामिंग के बिना वास्तविक समय, गतिशील परियोजना निगरानी प्रदान करने के लिए आवश्यक है। यह कई डाटा स्रोतों को एक केंद्रीकृत, आसानी से पहुंच वाले प्लेटफार्म में समेकित कर डाटा संग्रह के माध्यम से विश्लेषणात्मक क्षमताओं को बढ़ाता है। साथ ही आलाधिकारियों को कमियों और सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों को भी दर्शाकर मदद करता है। इस एप से एक नजर में विभिन्न विभागीय गतिविधियों की जानकारी मिल जाएगी।

इन जिलों में नहीं हुए एक भी विवाह
अंबेडकर नगर, अमरोहा, बलिया, बलरामपुर, चंदौली, गौतमबुद्ध नगर, गोंडा, कानपुर देहात, कानपुर नगर, खीरी, मैनपुरी, मथुरा, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, संभल, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर।

ये जिले विवाह कराने में रहे आगे

जिला - विवाह

बिजनौर - 1974

गोरखपुर - 1678

कुशीनगर - 1131

शाहजहांपुर - 1043

कौशांबी - 900

प्रदेश के 19 जिलों में एक भी जोड़े का विवाह नहीं हुआ है। जूम मीटिंग कर जिला समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गंभीरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र जोड़ों के विवाह कराएं- कुमार प्रशांत, निदेशक समाज कल्याण

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