चित्रकूट में पुलिस ने तीन चोरियों का किया खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार...चोरी गई लाइसेंसी बंदूक और कारतूस भी मिले

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट, अमृत विचार। एसओजी व कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम को उल्लेखनीय कामयाबी मिली है। पुलिस ने सोमवार को तीन चोरियों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनसे डेढ़ लाख के जेवर और नकदी के साथ चोरी गई बंदूक बरामद की गई है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने इस संबंध में प्रेसवार्ता कर खुलासे की जानकारी दी। आरोपियों में एक महोबा जिले का बाशिंदा है। 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोतवाली पुलिस के साथ एसओजी को लगाया गया था। टीम ने 16 दिसंबर की सुबह लगभग छह बजे मुखबिर की सूचना पर बंधोइन बंधे की पुलिया पर पुराने मंदिर के पास चबूतरे से दो आरोपियों दीपक गुरू पुत्र रामफल निवासी कछारपुरवा मजरा कोलगदहिया कोतवाली कर्वी और भानु प्रताप उर्फ लल्ला मिश्रा पुत्र रामकृपाल निवासी सूफा थाना चरखारी (महोबा) को गिरफ्तार किया। 

इनसे एक लाइसेंसी डीबीबीएल बंदूक, कारतूस के साथ बर्तन, गहने और एक हजार रुपये बरामद हुए। आरोपियों ने बताया गया कि लगभग चार माह पहले अगस्त में बनकट मोड़ के आगे दो फौजियों के घरों में ताला तोड़कर चोरी की थी। 

इन घरों से एक बंदूक-कारतूस व 20  हजार रुपये के साथ गहने और पूजा का सामान मिला था। इसके अलावा दो माह पहले कर्वी माफी में भीम सिंह के घर से भी चोरी की वारदात इन दोनों ने कुबूली। आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी है।  

दो अन्य आरोपी पकड़ से दूर

एसपी ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि वे कुल चार लोग हैं और पूरी योजना बनाकर चोरी करते हैं। अन्य दो आरोपियों के नाम राजकुमार उर्फ छोटू पुत्र केसरी प्रसाद निवासी काजीपुरा (महोबा) और राजू अहिरवार पुत्र कंधीलाल निवासी बजरिया (महोबा) बताए।

बंदूक की चोरी थी चुनौती

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बंदूक की चोरी पुलिस के चुनौती होती है। यह स्पेशल केस की तरह होता है। इस वजह से सर्विलांस के साथ अन्य टीमें लगी थीं। बताया कि मुखबिरी और सर्विलांस की मदद से यह बात तय हो गई कि इन आरोपियों का मूवमेंट चोरी के समय यहां रहा है। इसी आधार पर इन पर नजर रखी जा रही थी। एसपी ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति से बनाई गई संपत्ति को कुर्क किया जाता है और इस संबंध में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। 

टीम में ये रहे शामिल

आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली एसओजी टीम में एमपी त्रिपाठी की अगुवाई में मुख्य आरक्षी नीतेश समाधिया, आरक्षी ज्ञानेश मिश्रा, रोशन सिंह, पवन राजपूत रहे। कोतवाली कर्वी टीम की अगुवाई प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र प्रताप सिंह ने की। टीम में निरीक्षक अपराध लाखन सिंह, एसआई अंशुल कुमार, आरक्षी बहोरन, विनीत पांडेय और कुलदीप द्विवेदी रहे।

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