बदायूं: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर जामा मस्जिद पक्ष ने की सुनवाई नहीं करने की मांग

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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अब 24 को होगी नीलकंड मंदिर बनाम जामा मस्जिद मामले की सुनवाई

बदायूं, अमृत विचार। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक ने जामा मस्जिद की जगह नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा दायर किया है। जिसकी सुनवाई चल रही है। दोनों पक्ष के अधिवक्ता बहस कर रहे हैं। मंगलवार को सुनवाई होनी थी। जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई न करने की मांग की। कोर्ट ने अगली तारीख नीयत की है। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल ने गश्त की।

कोर्ट में चल रही नीलकंठ महादेव मंदिर बनाम जामा मस्जिद मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट सिविल जज सीनियर डिवीजन अमित कुमार की अदालत में विचाराधीन है। जिसकी पिछली तारीख 10 दिसंबर नीयत थी लेकिन अधिवक्ता मोहम्मद असलम का इंतकाल होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी थी और अगली तारीख 17 दिसंबर लगी थी। निर्धारित तिथि को मंगलवार को सुनवाई होनी थी। जामा मस्जिद के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को प्रार्थना पत्र दिया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इस मामले की सुनवाई न की जाए। साथ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी दी। वहीं नीलकंठ महादेव मंदिर की ओर से अधिवक्ताओं ने मामले की सुनवाई किए जाने पर जोर दिया। न्यायाधीश ने जामा मस्जिद की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र को 24 दिसंबर को अगली सुनवाई निर्धारित की है। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश पटेल ने जामा मस्जिद की जगह नीलकंड मंदिर होने का दावा किया है। मंगलवार को सुनवाई के चलते पुलिस बल सक्रिय रहा। सीओ सिटी संजीव कुमार ने संवेदनशील व मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में भ्रमण करके आमजन को सुरक्षा का अहसास दिलाया। ड्रोन से भी निगरानी की। स्थानीय घरों की छतों को चेक किया। लोगों को छतों पर आपत्तिजनक वस्तुएं न रखने की हिदायत दी गई।

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