Bareilly: करोड़ों खर्च होने के बाद भी किसान परेशान, नहीं मिल पा रहा पानी

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार : नहरों की सफाई के लिए इस बार 3.96 करोड़ का टेंडर हुआ था लेकिन इतनी भारी-भरकम धनराशि खर्च होने के बावजूद किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अफसरों ने वादा किया था कि नहरों की सफाई कराकर 15 दिसंबर तक उन्हें पानी से लबालब कर दिया जाएगा लेकिन अब तक बिथरी चैनपुर, शेरगढ़, नवाबगंज, फरीदपुर समेत कई ब्लॉकों में नहरों की सफाई ही नहीं हो पाई है। ज्यादातर नहरें गंदगी से पटी होने के साथ सूखी पड़ी हैं। मजबूरी में किसानों को निजी साधनों से फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है।

जिले में 1107 किमी में छोटी-बड़ी 152 नहरे हैं जिनका सिंचित क्षेत्र 1.68 लाख हेक्टेयर है। रुहेलखंड नहर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार का कहना है कि नहरों की सफाई का काम पूरा हो चुका है। पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक 15 दिसंबर तक सभी नहरों में पानी छोड़ा जा चुका है। एक्सईएन कहते हैं कि अगर कहीं पानी नहीं पहुंचा है तो अभियंताओं को भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा।

नहरों की सफाई के लिए इस बार अक्टूबर में 3.96 करोड़ का टेंडर हुआ था। इससे पहले सितंबर में ही नहरों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। नवंबर में सिल्ट की सफाई शुरू की गई थी। अब सारी नहरों के साफ होने का दावा किया जा रहा है। उधर, किसानों का कहना है कि नहरों में पानी न आने से उन्हें सिंचाई के लिए खुद इंतजाम करना पड़ रहा है। इतना भारी बजट फूंकने के बावजूद कागजों में ही नहरों की सफाई कर दी गई है।

इस बार भी उम्मीदों पर पानी

रबी फसलों के लिए पीक समय है, पानी की बेहद जरूरत है। लेकिन नहर की सफाई ठीक से न होने से छोड़ा गया पानी यहां नहीं पहुंच रहा। शिकायत के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया तो खुद इंतजाम करना पड़ा- मंगली प्रसाद, रिठौरा।
छोटी नहर की सफाई हर बार होती है। इस बार भी नहर की सफाई समय पर शुरू होने के साथ समय पर पूरी हो गई लेकिन पानी अब तक नहीं आया है। इस वक्त फसलों की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है- टिंकू साहू, रिठौरा।
हमारे ब्लॉक में नहरों की सफाई में खानापूरी की गई है। जब सफाई चल रही थी तभी ठेकेदार को टोका था लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया। 15 दिसंबर तक पानी आने का अफसरों का वादा भी झूठा निकला- ख्यालीराम मौर्य, मो. डूंगरपुर शेरगढ़।
नहरों में पानी न आने से किसानों को समस्या हो रही हैं। शिकायत करने पर कह दिया जाता है कि जल्द पानी छोड़ा जाएगा लेकिन कब छोड़ा जाएगा, ये किसी को नहीं पता। किसानों की समस्या से किसी को कोई मतलब नहीं है- तेजपाल सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू (अराजनैतिक)।

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