Prayagraj News : पीड़िता के वयस्क होने पर पुरुष के साथ उसके अनैतिक संबंध दुष्कर्म के आरोप को सिद्ध नहीं करते

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीजा और साली के बीच विकसित अनैतिक संबंध से उत्पन्न दुष्कर्म के आरोप में सजा भुगत रहे आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि अगर महिला वयस्क है तो पुरुष के साथ विकसित उसके अनैतिक संबंध दुष्कर्म के अपराध को आकर्षित नहीं करते हैं। उक्त टिप्पणी न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने पुलिस स्टेशन हाटा, कुशीनगर में आईपीसी की धारा 366, 376 और 506 के तहत दर्ज मामले में रमेश यादव को जमानत देते हुए की।

याची पर आरोप था कि उसने अपनी साली को शादी का झूठा झांसा देकर उसका शोषण किया। हालांकि याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि याची को मामले में झूठा फंसाया गया है। दूसरी ओर सरकारी अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया, लेकिन संबंध में कथित पीड़िता द्वारा सहमति न होने की बात को अस्वीकार नहीं कर सका।

अंत में कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि यद्यपि जीजा और साली का रिश्ता अनैतिक था, लेकिन पीड़िता के वयस्क होने के कारण इसे दुष्कर्म नहीं माना जाएगा, क्योंकि पीड़िता ने स्वयं यह बात स्वीकार की थी कि दोनों के बीच अवैध संबंध विकसित हो गए थे। आरोपी 16 जुलाई 2024 से जेल में निरुद्ध था और उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं था, इसी आधार पर कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए आरोपी को जमानत दे दी।

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