भड़के बिजली कर्मी: 10 जनवरी को मनायेंगे विरोध दिवस, संघर्ष का ऐलान

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश शासन की एनर्जी टास्क फोर्स द्वारा बिजली के निजीकरण के लिए ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया को अनुमति प्रदान करने से बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त हो गया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने 10 जनवरी को विरोध दिवस मनाने और निजीकरण वापस होने तक सतत संघर्ष का ऐलान किया है।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन की एनर्जी टास्क फोर्स ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी के तहत ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए आरएफपी डॉक्यूमेंट को अनुमति प्रदान करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और भड़काने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि इससे समस्त ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों में भारी गुस्सा व्याप्त हो गया है।
 
पदाधिकारियों के मुताबिक ऊर्जा मंत्री के साथ हुए लिखित समझौते में स्पष्ट कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में कर्मचारियों को विश्वास में लिए बिना कोई निजीकरण नहीं किया जाएगा। लेकिन आज एनर्जी टास्क फोर्स ने निजीकरण के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति का अनुमोदन इस समझौते का खुला उल्लंघन है । 

संघर्ष समिति ने कहा कि वर्ष 2000 में जब उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का विघटन किया गया था तब भी कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई थी और लगभग 15 करोड़ रुपए कंसल्टेंट पर व्यय किए गए थे। विद्युत परिषद के विघटन का प्रयोग पूरी तरह विफल साबित हुआ है। एक बार फिर कंसल्टेंट की नियुक्ति कर सरकारी धन का अपव्यय किया जा रहा है और अनावश्यक तौर पर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति का वातावरण पैदा किया जा रहा है।

संघर्ष समिति ने एनर्जी टास्क फोर्स द्वारा कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया को प्रारम्भ करने की अनुमति देने के विरोध में 10 जनवरी को विरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है। विरोध दिवस के तहत समस्त ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियन्ता भोजनावकाश में या कार्यालय समय के उपरान्त समस्त जनपदों, परियोजनाओं मुख्यालयों पर विरोध सभाएं करेंगे।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मी किसी भी कीमत पर निजीकरण स्वीकार नहीं करेंगे और निजीकरण का निर्णय वापस होने तक सतत संघर्ष जारी रहेगा। 11,12,13 और 14 जनवरी को अवकाश के दिनों में आम उपभोक्ताओं के बीच निजीकरण के विरोध में अभियान चलाया जाएगा। संघर्ष के विस्तृत कार्यक्रमों की घोषणा कल की जाएगी।

संघर्ष समिति ने कहा कि यद्यपि  कि एनर्जी टास्क फोर्स का यह निर्णय बिजली कर्मियों को भड़काने वाला निर्णय है किंतु महाकुंभ के दौरान बिजली कर्मी श्रेष्ठतम बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए संकल्पित हैं।

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