चित्रकूट में चकबंदी लेखपाल निलंबित, एक का रोका गया वेतन: जिलाधिकारी ने कामों में लापरवाही पर जताई नाराजगी

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट, अमृत विचार। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने चकबंदी के कामों की समीक्षा करते हुए लेखपालों की कार्यशैली पर जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी एमएल धर्मान को लेखपाल अयोध्या प्रसाद को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही लेखपाल महेंद्र नाथ वर्मा को चकबंदी कामों में रुचि न लेने और बैठक से गैरहाजिर रहने पर जनवरी का वेतन रोकने के निर्देश दिए।  

चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने नक्शा तरमीम, खसरा पड़ताल, प्रारूप -2 धारा -52 धारा- 27 अभिलेखों की जांच, धारा -9 धारा- 41 एवं 42 आदि की जानकारी ली। चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी, कानूनगो और लेखपालों को बताया कि चकबंदी आयुक्त के सख्त निर्देश हैं कि समय से चकबंदी के कामों को पूरा किया जाए। 

उन्होंने बंदोबस्त अधिकारी से कहा कि शासन ने प्रारूप एक से 9 तक की रिपोर्ट मांगी है, उसको समय से भेजा जाए। लक्ष्य समय से पूरा करें। उन्होंने बताया कि चकबंदी आयुक्त के यह भी निर्देश हैं कि सभी काम ई-ऑफिस प्रणाली के आधार पर किए जाएं। चकबंदी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोर्ट में लंबित वादों का समय से निस्तारण कराया जाए।

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