मुरादाबाद : कैंटर की टक्कर के बाद दीवार से जा टकराई थी बस
अमृत विचार,मुरादाबाद। रामपुर तिराहे जीरो प्वाइंट पर मंगलवार की देरशाम हुये हादसे का भयावह नजारा हर किसी की आंखों में साफ नजर आ रहा था। वहीं बस में बिखरा खाना, टूटी चप्पल, पुराने कपड़ों सहित अन्य सामान हादसे की हकीकत बयां कर रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कैंटर से टकराने के बाद बस …
अमृत विचार,मुरादाबाद। रामपुर तिराहे जीरो प्वाइंट पर मंगलवार की देरशाम हुये हादसे का भयावह नजारा हर किसी की आंखों में साफ नजर आ रहा था। वहीं बस में बिखरा खाना, टूटी चप्पल, पुराने कपड़ों सहित अन्य सामान हादसे की हकीकत बयां कर रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कैंटर से टकराने के बाद बस हवा में उड़कर सड़क किनारे गड्ढे में उतरते हुए दीवार को तोड़कर रुक गई।
इसके बाद बस में सवार मजदूरों में चीख पुकार मच गयी। आनन-फानन अंधेरे में मजदूर जैसे-तैसे नीचे उतरे तो उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। इतने में ही पीआरवी जवानों ने मौके पर पहुंचकर बस में फंसे मजदूरों को निकालना शुरू किया तो हर कोई पहले उतरने को आतुर नजर आया। बोले साहब हम तो सो रहे थे, हमें क्या पता था हादसा हो जायेगा।
पंजाब के जीतवाड़ा मंडी में मजदूरी करने वाले बिहार के मजदूर लॉकडाउन में घर वापस आये थे। इसके बाद 13 अक्टूबर को पुन: सभी मंडी में धान क्रय करने के लिए गये थे। अब छठ पर्व के चलते सभी प्राइवेट बस से बिहार लौट रहे थे। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे रामपुर तिराहे पर मुज्जफरपुर बिहार से अगवानपुर के लिए आ रहे गत्ते से भरे कैंटर से मजदूरों से भरी बस की आमने-सामने की टक्कर हो गयी। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस हवा में उड़ते हुये दूसरी तरफ सड़क को पार कर गड्ढे में जा गिरी।
इस दौरान बस ने गड्ढे के किनारे बनी दीवार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे वह रुक गई। बस रुकते ही चीख-पुकार मच गयी। कोई बस की सीट के बीच में फंसा था तो कोई खिड़की में अटक गया था। जैसे-तैसे मजदूर बस से उतरने लगे। इसी बीच घटनास्थल से कुछ दूरी पर खड़ी पीआरवी वैन मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने तत्काल गाड़ी की हैडलाइट जलाकर अंधेरे में फंसे मजदूरों को एक एक कर सड़क पर पहुंचाया। घायल को जिला अस्पताल भेजने के साथ ही ममूली रूप से चोटिल करीब 60 मजदूरों को पास ही स्थित स्कूल में आश्रय दिया गया।
जिला अस्पताल में दर्द से कहराते रहे मजदूर
हादसे के बाद एंबुलेंस से घायल मजदूरों को जिला अस्पताल भेजा गया। 20 घायलों को एक साथ उपचार मिल पाना संभव नहीं था, ऐसे में घायल मजदूर दर्द से कहराते रहे और कहते रहे कि साहब मुझे दर्द हो रहा है एक गोली दे दो। हादसे में घायल मजदूरों को उपचार के लिये जिला अस्पताल लाया गया। यहां उपचार के बाद वार्ड में भर्ती मजदूरों को कैंप चौकी प्रभारी जयप्रकाश ने पहुंचकर खाना खिलाया। इसके साथ ही हर संभव मदद की बात कही।
हादसे में यह हुये घायल
बालेश्वर चौधरी, मोहन चौधरी, पवन शाह, स्वतंत्र राव, जसवंत कुमार, याकूब आलम, अरुण प्रसाद, बनू राम, रवि, विमल महतो, सुरेश पाल, हरिलाल शाह, प्रेमचंद्र, हरेंद्र, उमेश चौधरी, हरि ओम, निशु, बुनली चौधरी, गणेश चौधरी व उमेश शाह
