लखनऊः घरों में घुसा गंदा पानी और मल, ऐसे सुधर रहा बच्चों का कल, 35 हजार परिवार झेल रहे परेशानी
लखनऊ, अमृत विचार: अम्बेडकर नगर वार्ड के भरतपुरी में सीवर पानी घरों में है। मल उतरा रहा है। रसोईं तक गंदा पानी भरा है। कई लोग स्वयं सफाई करते हैं। अक्सर नाला ओवरफ्लो होता है। नतीजा सैकड़ों परिवारों को घरों में भरे गंदे पानी से दो-चार होना पड़ता है। स्थानीय लोग कहते हैं कि अब आदत सी हो गई है। घरों में मल बह रहा है। बच्चे तक सफाई में जुटते हैं। फिर भी जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं है। हम लोग तो स्वयं ही सफाई कर किसी तरह निजात पाते हैं।
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35 हजार घर गंदगी में कर रहे गुजर-बसर
बस वोट के वक्त जिम्मेदार यहां झांकने आते हैं। बारिश के दिनों में तो हालात और बुरे हो जाते हैं। हैदर कैनाल नाले का गंदा पानी सारी बंदिशें तोड़ घरों में सीधे प्रवेश कर जाता है। नाले की कभी सफाई नहीं होती। नाला चोक ही रहता है। पुरानी लाइन जगह-जगह बैठ गई है, इससे सीवर का गंदा पानी गलियों में बहता है। क्षेत्र की नालियां सिल्ट से पटी हैं, इनकी सफाई करने कोई नहीं आता। इससे वार्ड के लगभग 35,000 परिवार गंदगी के बीच गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। रविवार सुबह जब अमृत विचार आपके द्वार की टीम भरतपुरी में पहुंची तो लोगों का गुस्सा फट पड़ा। लोग बाहर निकल समस्याएं बताने लगे।
नालियों के बीच से गुजरती है वाटर लाइन, गंदा पानी पीने को मजबूर
संकरी गलियों के बीच पेयजल की सुविधा के लिए डाली गईं वाटर लाइन नालियों के बीच पड़ी हैं। लोगों ने इस लाइन से कनेक्शन लेकर नालियों से घरों तक पाइप पहुंचाया है। सप्लाई के दौरान लाइन से गंदा पानी आता है। इससे लोग नगर निगम के सबमर्सिबल पम्प से पेयजल के लिए पानी लेने को मजबूर हैं। इससे क्षेत्र में डायरिया और मलेरिया जैसी बीमारियां पनपती हैं। लेकिन साफ पानी के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जाते हैं।
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सफाईकर्मी नहीं आते तो खुद करते हैं नालियों को साफ
क्षेत्र में नालियों से लेकर सड़कों की सफाई करने कर्मचारी नहीं आते हैं। इससे लोग मजबूर होकर खुद नालियों की सफाई करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम के कर्मचारी नालियों की सफाई करने कभी नहीं आते। इससे नालियां चोक रहती हैं। नगर निगम से कई बार शिकायत करने के बाद भी जब कोई नहीं आता है तो लोग खुद अपने घर के आगे नालियां साफ करते हैं।
खुले में बना डम्पिंग यार्ड नहीं उठता कूड़ा
भरतपुरी में घरों से कूड़ा उठाने न तो नगर निगम की गाड़ी आती है न कर्मचारी। इसलिए लोगों ने रेलवे लाइन के पास खुली जगह को ही पड़ाव घर बना दिया है। घनी आबादी के बीच इस स्थान पर कूड़े का ढेर नजर आता है। बच्चों से लेकर बड़े यहीं से होकर निकलने को मजबूर हैं।
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जलकल विभाग ने सीवर लाइन डालने के लिए गली खोदकर छोड़ दी
जलकल विभाग ने क्षेत्र की एक गली में सीवर लाइन डालने के बाद सड़क खोदकर छोड़ दी है। इससे लगभग 20 मीटर रास्ते से लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है। सीवर लाइन डालते समय जलकल विभाग ने घरों का सीवर लाइन से कनेक्शन भी तोड़ डाला लेकिन सही नहीं किया। इससे कई परिवारों के घरों के सीवर के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
सीवर व वाटर टैक्स का भेज दिया हजारों रुपये का बिल
जलकल विभाग भरतपुरी के निवासियों को सीवर और पेयजल की सुविधा तो नहीं दे पा रहा लेकिन लंबा चौड़ा बिल भेज रहा है। जलकल विभाग के जोन दो कार्यालय ने पिछले महीने क्षेत्रीय निवासियों को वर्ष 2002 से सीवर व वाटर टैक्स का हजारों रुपये का बिल भेज दिया। जबकि लाइन 2014 में डाली। क्षेत्रीय निवासी इससे परेशान हैं। उनका कहना है कि हम गरीब किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं। 20 से 21 हजार रुपये बिल कहां से जमा करें।
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खम्भों पर नहीं दीवारों के सहारे जा रहे बिजली के केबिल
क्षेत्र की गलियों में एक ओर लोगों ने प्रथम तल पर गली के ऊपर छज्जे निकाल दिए हैं। वहीं बिजली विभाग ने खंभों की जगह घरों की रेलिंग और दीवार के सहारे बिजली की लाइन दौड़ा दी है। शॉर्ट सर्किट हुआ तो घरों में करंट उतरना तय है। इससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।
गली में लगा दी जुगाड़ की सीढ़ी
संकरी गली में सुविधा के लिए और जलभराव से राहत के लिए निवासियों ने नालियों पर ही अतिक्रमण कर लिया है। प्रथम तल पर पहुंचने के लिए एक भवन स्वामी ने गली में ही लोहे की सीढ़ी लगा दी। अब लोग वाहनों के साथ इस सीढ़ी के नीचे से गुजरते हैं।
पार्षद कहते हैं वोट नहीं दिया तो काम भी नहीं होगा
क्षेत्र की समस्या को लेकर क्षेत्रीय निवासी कई बार समाजवादी पार्टी से पार्षद सुभाष रावत से शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। निवासियों का आरोप है कि पार्षद कहते हैं जब वोट नहीं दिया तो काम भी नहीं होगा। इससे क्षेत्रीय निवासियों में नगर निगम के प्रति आक्रोश है।
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छलका लोगों का दर्द
-पूरे इलाके में सीवर का पानी नाली और सड़क पर बह रहा है। इससे पूरे इलाके में बदबू फैली हुई है। सफाई और पानी के निकासी के लिए नगरनिगम और सभासद से गुहार लगाई गई है। नतीजा कुछ भी निकला। -कमल किशोर त्रिपाठी
-भरतपुरी की आबादी करीब पांच हजार की है। बावजूद इसके पूरा क्षेत्र सीवर, पानी और नालियों में बजबजाते पानी की समस्या से जूझ रहा है। शिकायत के बाद भी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी झांकने तक नहीं आते हैं। -शबनम बानो
-क्षेत्र से गुजर रहे नाले की वर्षों से नगरनिगम ने सफाई ही नहीं की है। पानी की निकासी न होने के कारण इसका पानी लोगों के घरों में भर रहा है। सभासद से शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। -मोहम्मद रफी
-सीवर का गंदा पानी नालियों और सड़क पर बह रहा है। इससे उठती बदबू के कारण यहां रहना मुश्किल हो गया है। तमाम शिकायत के बाद भी किसी भी विभाग ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। -राबिया
-सीवर का नालियों में बहता पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुस रहा है। समस्या के निवारण के लिए सभासद समेत संबंधित हर विभाग में दौड़ चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। -बेबी

-सफाई कर्मी क्षेत्र में आते ही नहीं है। इससे नालियों और सीवर की सफाई नहीं हो पा रही है। अधिकांश परिवारों के लोग हर समय गंदे पानी को निकालने के लिए मजबूर है। -लालमती
-इलाके में फैली गंदगी के कारण मच्छरों का खौफ है। यहां दिनभर मच्छर वाली बत्ती जलानी पड़ती हैं। नगरनिगम फागिंग नहीं करता है, और न ही दवा का छिड़काव। -आशा बानो
-पूरे क्षेत्र में पीला और बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है। इससे लोगों को स्वास्थ्य समस्या से जूझना पड़ रहा है। समस्या के समाधान के लिए सभासद और जलकल विभाग में कई बार शिकायत की, कार्रवाई आज तक नहीं हुई। -शीला
-क्षेत्र में सफाईकर्मी आते ही नहीं है। इसके चलते नालियों में पानी बजबजा रहा है। सभासद और नगरनिगम में कई बार शिकायत की, हल आज तक नहीं निकला। -सुजीत कुमार
पूरी भरतपुरी क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। जलकल सहित सभासद को समस्या से कई बार अवगत कराया गया। समाधान का आश्वासन तो मिला, पानी साफ आज तक साफ नहीं मिल सका। -इस्लाम
-पानी और सीवर क्षेत्र की मुख्य समस्या है। इसके समाधान के लिए सभासद और नगरनिगम ने आज तक कोई काम नहीं किया। यहां के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। -अनिल कुमार
-संकरी गली और उसमें ओवर फ्लो समस्या को और विकट बना देता है। नालियों में बहता पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के किचन तक पहुंच गया है। समस्या को अधिकारियों को दिखाया भी गया। लेकिन काम नहीं हुआ।- पप्पू गौड़
-गंदे, पीले और बदबूदार पानी की सप्लाई से बच्चे आए दिन बीमार पड़ रहे हैं। समस्या के निदान के लिए जलकल विभाग में लिखित शिकायत भी की, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने छोड़ दिया है। -अंकिता यादव
-क्षेत्र में पड़ी सीवर लाइन सड़क धंसने से टूट चुकी है। करीब एक साल से नगर निगम और पार्षद से शिकायत की जा रही है। बावजूद इसके कोई क्षेत्र में झांकने तक नहीं आया। -राकेश
-सीवर का पानी घर में भरा हुआ है। घर के बाहर नालियों में कूड़ा का अंबार है। तमाम शिकायतों के बाद भी राजधानी का भरतपुरी क्षेत्र अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन पुरसाहाल लेना वाला कोई नहीं है। -पंकज
अमृत विचार आपके द्वार की टीम- गोपाल सिंह, नीरज अभिषेक, छायाकार राजकुमार वाजपेयी
