बरेली: गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर जानिए क्या बोले मंत्री जी

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बरेली,अमृत विचार। गन्ना किसानों को उनकी समस्या के समाधान की जगह सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। किसानों का कहना है सरकारें आती हैं, वादे करती हैं पर समस्याओं का समाधान नहीं निकलता। अब कोरोना काल में तो मानों मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। पेराई सत्र 2019-20 में गन्ने और चीनी के रिकॉर्ड उत्पादन के …

बरेली,अमृत विचार। गन्ना किसानों को उनकी समस्या के समाधान की जगह सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। किसानों का कहना है सरकारें आती हैं, वादे करती हैं पर समस्याओं का समाधान नहीं निकलता। अब कोरोना काल में तो मानों मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। पेराई सत्र 2019-20 में गन्ने और चीनी के रिकॉर्ड उत्पादन के बाद भी परिक्षेत्र में शामिल चीनी मिलों पर 574 करोड़ से अधिक का बकाया है।

वहीं एक बार फिर बकाया भुगतान को लेकर किसानों का प्रदेश के गन्ना विकास व चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने लॉलीपाप थमाने का काम किया है। अधिकारियों को मिलों पर दबाव बनाकर किसानों को शीघ्र बकाया दिलाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही भुगतान में लापरवाही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई को कहा है।

बुधवार को गन्ना अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में गन्ना मंत्री के सवालों पर स्थानीय अफसरों ने पेराई सत्र 2019-20 में खरीदे गए भुगतान की जानकारी देने के साथ ही बकाया मूल्य की जानकारी दी। 2020-21 का पेराई सत्र चालू होने पर शुरू हो चुकी चीनी मिलों की जानकारी दी। इस पर गन्ना मंत्री ने कहा कि किसी भी स्तर पर यदि लापरवाही बरती गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के दौरान कुछ चीनी मिलों के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जिसपर कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में पूरी तैयारी के साथ बैठक में आने की बात कही। पेराई सत्र में घटतौली का मामला संज्ञान में आने पर तत्काल एफआईआर कराने के निर्देश दिए। अफसरों से दो टूक कहा शासकीय कार्यों में ढिलाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में बरेली परिक्षेत्र में शामिल सभी चीनी मिलों के अधिकारी आदि मौजूद रहे।

गन्ना उप आयुक्त राजीव राय ने बताया कि बैठक में वर्तमान और विगत पेराई सत्र के गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान, गन्ना क्रय केंद्रों के संचालन की स्थिति, गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण समेत विभिन्न बिंदुओं पर बारीकी से समीक्षा की। क्षमता से कम उत्पादन करने वाले चीनों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। गन्ना मंत्री ने ये भी जाना कि कब तक शेष चीनी मिलें पेराई करेंगी।

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