कासगंज: 31 मार्च तक नहीं कराई ई-केवाईसी तो बंद हो जाएगा फ्री राशन
उदित विजयवर्गीय, अमृत विचार। शासन ने विगत वर्ष जुलाई माह में सभी राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। लेकिन छह माह बीत जाने के बावजूद यह कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है। जनपद में अब तक लगभग 70 प्रतिशत राशन कार्ड धारकों की ही ई-केवाईसी पूरी हो पाई है, जबकि शेष 30 प्रतिशत उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया अभी अपूर्ण है। यदि 31 मार्च तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो इन उपभोक्ताओं के नाम राशन कार्ड से हट सकते हैं और उन्हें मुफ्त राशन मिलना बंद हो सकता है।
जनपद में 10 लाख 79 हजार 933 यूनिट उपभोक्ता दर्ज हैं। इनमें से अब तक 7 लाख 50 हजार 508 यूनिट का सत्यापन ई-केवाईसी के माध्यम से हो चुका है। इसके चलते अभी भी 3 लाख 29 हजार 425 यूनिट उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया अपूर्ण है। ऐसे उपभोक्ताओं को समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी पूरी करने के लिए कहा गया है। यदि यह प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी नहीं की जाती है, तो इनका राशन मिलना बंद हो सकता है। शासन ने इस कार्य को 31 मार्च तक पूर्ण करने का समय निर्धारित किया है।
ई-केवाईसी का उद्देश्य
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राशन का लाभ केवल योग्य नागरिकों को ही मिले। कुछ लोग गलत तरीके से राशन कार्ड बनाकर इसका लाभ उठा रहे हैं। ई-केवाईसी के माध्यम से सरकार ऐसे लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही, इसके जरिए राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सटीक बनाया जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार कम होगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर एक नजर
-अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड धारकों की संख्या: 2,91,049
-राशन कार्डों में यूनिट सदस्यों की संख्या: 10,79,933
-ई-केवाईसी अपडेट: 7,50,508 यूनिट
-शेष यूनिट: 3,29,425
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि अभी लगभग साढ़े सात लाख यूनिट उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी कराई है। जिन लोगों ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को राशन मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सभी क्षेत्रों के पूर्ति निरीक्षकों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। हमें उम्मीद है कि जिले में ई-केवाईसी की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा तक पूरी कर ली जाएगी।
यह भी पढ़ें- कासगंज: क्या इलाज करेगा गंजडुंडवारा सीएचसी...जब खुद ही पड़ा बीमार, डॉक्टर-स्टाफ तक नहीं
