मुरादाबाद: गर्भ में पल रहे बच्चे को बता दिया मृत, जानिए फिर क्या हुआ?
मुरादाबाद,अमृत विचार। गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड कर एक निजी अस्पताल द्वारा गलत रिपोर्ट दे दी गई। उसकी इस लापरवाही से हंगामा खड़ा कर दिया। गर्भ में शिशु की धड़कन चल रही थी, जबकि उस अस्पताल के चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन ही बंद बता दी। जब यह …
मुरादाबाद,अमृत विचार। गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड कर एक निजी अस्पताल द्वारा गलत रिपोर्ट दे दी गई। उसकी इस लापरवाही से हंगामा खड़ा कर दिया। गर्भ में शिशु की धड़कन चल रही थी, जबकि उस अस्पताल के चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन ही बंद बता दी। जब यह जानकारी दंपति को हुई तो वे परेशान हो गए। फौरन गांधी नगर के दूसरे अस्पताल में उन्होंने दोबारा जांच कराई।
हैरानी की बात यह है कि उस अस्पताल में जो जांच हुई, उसमें बच्चे की धड़कन चलती पाई गई। फिर क्या था, दंपति का पारा चढ़ गया। महिला के पति ने इस अस्पताल में आकर जमकर हंगामा किया। अस्पताल संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी।
जिस अस्पताल का यह मामला है, वह लाजपत नगर में हैं। कटघर के पीतल नगरी के रहने वाले जाकिर ने बताया कि वरदान नर्सिंग होम में उसकी गर्भवती पत्नी मुमताज का स्वास्थ्य परीक्षण होता है। मंगलवार को वह इसी वजह से इस अस्पताल में पहुंचे थे। उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराया तो यहां पर रेडियोलॉजिस्ट ने गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन ही बंद बता दी। बच्चा जब मृत बताया गया तो दोनों घबरा गए। यहां तक की प्रसव कराने को भी तैयार हो गए। पर जब उनकी पत्नी ने गर्भ में बच्चे के जिंदा होने के अहसास को बताया तो उन्होंने बुधवार को गांधी नगर के एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया।
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जो सामने आया, उसने परिवार को फिर से एक बड़ी खुशी दे दी। बच्चे की धड़कन चल रही थी। बच्चा जीवित था, लिहाजा लाजपत नगर के उस अस्पताल पर परिजनों का पारा चढ़ गया। उन्होंने अस्पताल में आकर जमकर हंगामा किया। साथ ही उन्होंने गर्भवती की उम्र भी गलत दर्ज की थी, यह शिकायत भी की गई। सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो यह अस्पताल की घोर लापरवाही है, शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
