मुरादाबाद: 3.72 अरब से होगा शहर का विकास, बैठक में लगी मुहर

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मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर में वर्ष 2020-21 में विकास का पहिया चलाने में नगर निगम करीब 3.72 अरब रुपये खर्च करने वाला है। बोर्ड की बैठक में मुहर लग गई है। बजट आते ही इस पर कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। जो बजट पास हुआ है, उसमें सड़क, पानी, जल निकासी सहित तमाम योजनाओं को …

मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर में वर्ष 2020-21 में विकास का पहिया चलाने में नगर निगम करीब 3.72 अरब रुपये खर्च करने वाला है। बोर्ड की बैठक में मुहर लग गई है। बजट आते ही इस पर कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। जो बजट पास हुआ है, उसमें सड़क, पानी, जल निकासी सहित तमाम योजनाओं को शामिल किया गया है। बोर्ड की बैठक में महापौर विनोद अग्रवाल व नगर आयुक्त संजय चौहान ने कोविड काल के चलते बजट की समस्या भी बताई। उनका कहना है कि शासन से किश्त प्राप्त न होने के कारण कार्यों में विलंब हो रहा है। जैसे ही बजट प्राप्त होता है, इन कार्यों की गति नजर आने लगेगी।


पंचायत भवन सभागार में सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई निगम की इस साल की पहली बोर्ड की बैठक सात घंटे चली। वर्ष 2019-20 का पुनरीक्षित बजट भी रखा गया। इस बजट में हुए कार्यों के बारे में बताया गया। नलकूप, पाइपलाइन जैसे कार्यों के पूरा किए जाने की बात पर पार्षद सहमत नहीं हुए। यह बजट तीन अरब 72 करोड़ 28 लाख रुपये था। जो कि खर्च कर लिया गया। इसके साथ ही जो वर्ष 2020-21 में बजट खर्च किया जाना है, उसका मूल बजट पेश किया गया। इसमें करीब 90 करोड़ रुपये स्थापन में खर्च किए जाएंगे, 75 से 80 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च होंगे। इसके अलावा निगम का जो खर्च है, उस पर बाकी का बजट खर्च किया जाएगा।

प्रमुख कार्यों पर खर्च होने वाला बजट
कार्य तय खर्च
सड़क निर्माण 40 करोड़
जलापूर्ति 20 करोड़
जल निकासी 50 लाख
नाला सफाई पर दो करोड़
अमृत योजना दो करोड़
स्वच्छ भारत मिशन तीन करोड़
कान्हा गोशाला 95 लाख

सहायक नगर आयुक्त पर ‘गंभीर’ आरोप, सदन में हंगामा
मुरादाबाद। हिंदुस्तान सिक्योरिटी कंपनी को लेकर पार्षदों ने सहायक नगर आयुक्त प्रथम पर गंभीर आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई के बारे में पूछा तो जवाब असंतोष जनक मिला। इस पर पार्षदों का पारा तो चढ़ा ही, साथ ही महापौर ने भी इन अधिकारी को फटकार लगाई। पार्षदों ने इस मामले में सीधे-सीधे गंभीर सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। हालांकि बाद में नगर आयुक्त ने इस मामले में कार्रवाई चलने की बात कहते हुए पार्षदों को शांत किया। दो कार्यकारिणी की बैठक के बाद नगर निगम की पहली बोर्ड की बैठक हुई, पर कुछ अधिकारी होमवर्क कर नहीं आए। अधिकारियों की अधूरी जानकारी के कारण पार्षदों को मौका मिल गया और सदन में खूब हंगामा हुआ। मामला सफाई कर्मचारियों के बोनस और वेतन के करीब 20 करोड़ रुपये गबन का था। यह मामला पार्षद विद्या शरण शर्मा ने उठाया। उन्होंने सहायक नगर आयुक्त गंभीर सिंह पर सीधे तौर पर भ्रष्टचार का आरोप लगाया। हंगामा देख महापौर विनोद अग्रवाल का भी पारा चढ़ गया। उन्होंने बगैर माइक के सहायक नगर आयुक्त को डांट लगाई और आरोपों पर स्पष्टीकरण भी मांगा।

बनेगी मॉनिटरिंग कमेटी, शामिल होंगे पार्षद
गुणवत्ता को ताक में रख किए गए कार्यों की जांच में अब पार्षदों को भी शामिल किया गया है। क्षेत्र में कार्य होने या फिर उसकी कमी पर जांच किए जाने के मामले में पार्षदों को बेखबर रखा जाता था। इस पर पार्षदों ने एक साथ यह मांग उठाई। नगर आयुक्त संजय चौहान ने गुणवत्ताहीन कार्यों की जांच के लिए मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की घोषणा कर दी है। नगर आयुक्त ने बताया कि इस कमेटी में जिस कार्य की जांच होगी उस विभाग के विभागाध्यक्ष (नगर निगम), जिस संस्था ने वह कार्य कराया उसका अधिकारी और जिस क्षेत्र में कार्य हुआ है, वहां का पार्षद शामिल होगा। इसके साथ ही पार्षद शिवराज गूजर के सवाल पर नगर आयुक्त ने वार्ड में एक वर्ष में हुए कार्यों का विवरण पत्रावली दिए जाने का आश्वासन दिया।

बगैर बिजली के शोपीस बने 55 नलकूप
पार्षद शिवराज सिंह गूजर ने जलकल विभाग को घेरते हुए बगैर पाइप लाइन बिछाए नलकूप लगाए जाने का मुद्दा उठाया तो बिजली के बगैर शोपीस बने नलकूपों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। इस पर महा प्रबंधक पीके गुप्ता ने सफाई देते हुए कहा कि 90 नलकूप हैं। इसमें 53 का विद्युतीकरण का रुपये बिजली विभाग को दे दिया गया है। 35 का विद्युतीकरण भी हो चुका है। बजट के आधार पर बाकी कार्य भी पूरे कराए जा रहे हैं।

जामा मस्जिद पार्क का होगा सौंदर्यीकरण
पार्षद सलीम वारसी ने जामा मस्जिद के सौंदर्यीकरण को लेकर मांग उठाई। इस पर नगर आयुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि पार्क काफी बड़ा है। उसके बजट को ध्यान में रखते हुए उस पर एक विशेष योजना के तहत कार्य कराया जाएगा।

सड़कों को पुराने लेबल पर ही बनाया जाएगा
इंटरलॉकिंग सड़कों के कार्य पर पुराने लेबल पर काम न किए जाने के कारण सड़कें ऊंची होती जा रही हैं और मकान गड्ढे में समाते जा रहे हैं। इस मुख्य अभियंता निर्माण ने बताया कि अब ऐसा नहीं होगा। डामर और इंटरलॉकिंग सड़कों को पुराने लेबल पर ही बनाया जाएगा।

घरों में गंदा पानी हो रहा ओवर फ्लो
पार्षद रुचि चौधरी ने घरों में सीवर का गंदा पानी ओवर फ्लो होने पर शिकायत दर्ज कराई। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि जो सीवर के कनेक्शन हुए हैं, एसटीपी तैयार न होने के कारण पानी की पूरी निकासी नहीं हो पा रही है। इस वजह से यह समस्या आ रही है।

जल निगम से मांगे 17.50 करोड़ रुपये
जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने में जो लापरवाही की है, उसपर नगर निगम सख्त हो गया है। उसने इस विभाग से साढ़े 17 करोड़ रुपये मांगे हैं। नगर आयुक्त संजय चौहान ने बताया कि जल निगम द्वारा फौरन सड़कें न बनाए जाने के कारण त्योहारों को ध्यान में रखते हुए जो कार्य उसे करना था, वह नगर निगम ने कराया। इसपर जो खर्च हुआ, उसका बजट तैयार कर इस विभाग से मांगा गया है। इसके साथ ही सीवर लाइन बिछाने के बाद जो कार्य हैं, उसे नगर निगम ही कराए और उसका बजट जो जल निगम को मिलने वाला है, वह निगम अपने खाते में ले सके, इसका प्रयास किया जा रहा है। जल निगम से उसके कार्यों का कलेंडर भी मांगा गया है, उसके आधार पर योजनाबद्ध तरीके से काम कराए जा रहे हैं।

चिल्ड्रन पार्क में बच्चों की मुस्कान देखने को मम्मी पापा चुकाएंगे फीस
चिल्ड्रन पार्क में मासूमों के चेहरे पर मुस्कान देखने के लिए अब मम्मी पापा को फीस चुकानी पड़ सकती है। सदन की शुरूआत इसी मुद्दे से हुई। पार्षद डिंपल सिंह ने यह मुद्दा उठाया था, पर इस पर सहमति नहीं बनी। यहां तक कि कुछ गरमा गरमी भी रही। पहले दस साल तक के बच्चों पर पांच रुपये और उससे अधिक उम्र के लोगों पर दस रुपये पार्क प्रवेश पर तय किए जाने का प्रस्ताव रखा गया।

जूनियर पार्षदों की नहीं सुनी जाती!
सबसे युवा पार्षद सद्दाम हुसैन ने सीधे महापौर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। आरोप था कि जूनियर पार्षदों (जो इसी साल चुने गए) के साथ पक्ष पात होता है। उनके वार्डों में कोई कार्य नहीं कराया जाता। यहां तक कि नए पार्षदों का सम्मान तक नहीं होता है। उसने महापौर विनोद अग्रवाल पर सीधा आरोप लगाते हुए खूब हंगामा गया। इस पर बाकी पार्षदों ने उन्हें चुप किया।

विपक्ष ने लगाया पक्षपात का आरोप
पक्षपात के एक आरोप ने सदन में बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया। विपक्ष और पक्ष के पार्षद इस पर आमने सामने आ गए। काफी हंगामा हुआ, बाद में महापौर ने हस्तक्षेप कर बिगड़ते माहौल को शांत किया। पार्षद सलीम, नईम आदि का आरोप था कि सत्ता पक्ष के पार्षदों के वार्डों में कार्य करा दिए जाते हैं। विपक्ष के पार्षदों के साथ पक्षपात कर दिया जाता है। इसी आरोप के साथ जब बाकी विपक्षी पार्षद एक स्वर हुए तो बीजेपी के पार्षदों ने भी उनका विरोध किया। सभी सीटों से उठकर आमने सामने आ गए। काफी हंगामा हुआ और फिर महापौर विनोद अग्रवाल ने हस्तक्षेप कर इस तरह के आरोपों को निराधार बताया।

धुलाई सेंटरों को जारी होगा नोटिस
महानगर में खुले धुलाई सेंटरों को नोटिस जारी होगा। जो गंदगी उनके द्वारा की जा रही है, उसपर जुर्माना वसूला जाएगा। महापौर विनोद अग्रवाल ने बताया कि समर्सिबल लगाकर गाड़ियां धोने का काम कर रहे इन लोगों के बिजली के कनेक्शन चेक किए जाएं। कामर्शियल नहीं पाए जाने पर उनपर कार्रवाई हो। इस पर जलकल जीएम पीके गुप्ता ने बताया कि सर्वे में 35 धुलाई सेंटर मिले हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। इनसे वसूली को लेकर निगम में कोई नियम नहीं है। पर इसमें एनसीआर के नियमों को फालो किया जा सकता है।

यह मांग भी रखी गईं
करुला का नाला ठीक करने की मांग की
मैनाठेर से धीमरी तक की सड़क ठीक कराने की मांग की
बारावफात से पहले सड़कों को ठीक करने की मांग की
शाह बुलाकी साहब की मजार के पास सड़क सुधारने की मांग
वार्ड 70 में अतिक्रमण हटाए जाने की मांग
जेल के पीछे अशोक नगर में विवादित जमीन पर शहीद भगत सिंह पार्क बनाने की मांग
नर्सरी पर हुए अतिक्रमण को लेकर जांच की मांग की गई।

विनोद अग्रवाल, महापौर
करीब पौने चार अरब का बजट शहर के विकास के लिए पास किया गया है। इस साल बजट का संकट रहा है, फिर प्रदेश भर के निगम के मुकाबले मुरीादाबाद में सबसे ज्यादा विकास कार्य हुए। पार्षदों ने जो सुझाव रखें हैं, उनपर भी अमल किया जाएगा। बेहतर विकास का प्रयास रहेगा, जो कार्य अधूरे हैं, उन्हें जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

संजय चौहान, नगर आयुक्त
पार्षदों की जो शिकायतें हैं, उन्हें दूर करने के लिए विभागाध्यक्षों को कह दिया गया है। मॉनिटरिंग कमेटी बनने से पार्षदों के लिए भी पारदर्शिता रहेगी। कार्यों को पूरा करने में तेजी लाई जाएगी। हर तरह की समस्याओं को बजट में शामिल किया गया है। कार्य होने पर लोगों को काफी सुविधा रहेगी।

गंभीर सिंह, सहायक नगर आयुक्त
पार्षदों के आरोप निराधार हैं। हिंदुस्तान सिक्योरिटी कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया गया। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, 84 लाख रुपये की वसूली हुई और 20 लाख रुपये उसके एफडी के जब्त कर लिए गए। इसके अलावा भी इस कंपनी से पूरी रिकवरी हो सके, इसको लेकर योजना बनाई जा रही है। कर्मचारियों की ड्यूटी में भी कोई मनमानी नहीं है। प्रयास किया जा रहा है कि हर वार्ड में पर्याप्त कर्मचारी काम करें।

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