बरेली: जनपद की हवा को प्रदूषित कर रही लापरवाही

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बरेली, अमृत विचार। धान की फसल के अवशेष, गन्ने की पताई और कूड़ा जलने की घटनाएं बरेली की हवा को प्रदूषित कर रही हैं। प्रदूषण से दिल्ली के हाल खराब होने के मामले को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया है। यही वजह है कि अधिकारी जनपद में पराली व कूड़ा जलाने की घटनाओं पर …

बरेली, अमृत विचार। धान की फसल के अवशेष, गन्ने की पताई और कूड़ा जलने की घटनाएं बरेली की हवा को प्रदूषित कर रही हैं। प्रदूषण से दिल्ली के हाल खराब होने के मामले को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया है। यही वजह है कि अधिकारी जनपद में पराली व कूड़ा जलाने की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। 1 अक्टूबर से अब तक जिले में 70 घटनाएं सेटेलाइट में कैद हो चुकी हैं।

इसमें कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई कराकर फसल के बचे अवशेष जलाने की 18 घटनाएं हो चुकी हैं। गन्ने की पताई जलाने की भी चार घटनाएं नवंबर माह में सामने आयी हैं। इसके साथ ही कूड़े के अवशेष जलाने के सर्वाधिक 31 मामले सामने आये हैं। 17 अन्य ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें क्या चीज जलायी गयी है, इसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं लगी जबकि पराली जलने की घटनाओं की निगरानी करने के लिये कर्मचारियों की लंबी फौज लगी है।

राजस्व विभाग, पुलिस, कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को घटनाओं पर पूर्णत: अंकुश लगाने के लिये लगाया गया है। अक्टूबर माह में जिस तरह से पराली जलाने पर अंकुश लगा। ठीक नवंबर माह में स्थिति इसके विपरीत दिख रही है। 17 नवंबर को उप कृषि निदेशक अशोक कुमार यादव की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी गयी है जिसमें 16 ग्राम पंचायतों में घटनाएं होना बताया गया है।

जुर्माना लगाने में भी कंजूसी कर रहे अधिकारी
पराली जलाने की घटनाएं सामने आने पर किसानों पर जुर्माना लगाने में भी अधिकारी कंजूसी दिखा रहे हैं। धान की फसल के अवशेष और गन्ने की पताई जलाने के 22 मामले सामने आये जबकि दोषी किसानों पर जुर्माना महज 60 हजार रुपये लगाया गया। 42500 रुपये की वसूली होना दिखाया है। मामलों में 16 किसानों को नोटिस देने की बात कही है।

लेखपालों के विरुद्ध नाममात्र की कार्रवाई
जिन लेखपालों के क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाएं सेटेलाइट में कैद हुई हैं। शासन के निर्देश पर उन लेखपालों के विरुद्ध अधिकारियों ने नाममात्र की कार्रवाई की है। अभी तक लेखपाल योगेश कुमार, अमित वर्मा, सुरेंद्र यादव, नन्हें लाल, महेंद्र पाल, कृपाल सिंह के विरुद्ध चेतावनी जारी की गयी है। लेखपाल पिंकी, प्रवेश बाबू, नेहा, अवनीश कुमार, कुलदीप, परशुराम व आशीष राघव के विरुद्ध आरोप पत्र जारी किया है। लेखपाल उवैश खां के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई होने की बात अधिकारी कह रहे हैं लेकिन अभी तक निलंबन नहीं हुआ है।

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