लखीमपुर खीरी: डग्गामार बसों के खिलाफ एकजुट हुए अनुबंधित बसों के मालिक
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। जिले के विभिन्न रूटों पर डग्गामार वाहनों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है। इनका स्टाफ पुलिस चौकियों के सामने से सवारियां बैठाते और उतारते हैं। इससे रोडवेज बसों की आय प्रभावित होती है। इस पर अनुबंधित बस मालिकों के देयकों से कटौती होती है। डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर अनुबंधित बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को एआरटीओ को ज्ञापन सौंपा। साथ ही एआरएम से भी इन पर कार्रवाई कराने की मांग की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण गुप्ता ने बताया कि लखनऊ, गोला, धौरहरा से लेकर अन्य मार्ग पर दर्जनों की संख्या में बसें संचालित हैं। इसके अलावा अन्य छोटे वाहनों की भी भरमार है। मार्गों पर अवैध रूप से संचालित बसें एवं टैक्सियों पर अंकुश लगाने के लिए कई बार शासन से लेकर प्रशासन तक को अवगत कराया गया, लेकिन अधिकारियों के संज्ञान न लिए जाने से इनका संचालन पुलिस की नाक के नीचे से अनवरत जारी है। इसका प्रमाण शहर की एलआरपी, राजापुर चौकी से लेकर रेलवे स्टेशन है। इन डग्गामार वाहनों से रोडवेज को रोजाना लाखों की क्षति हो रही है। पदाधिकारियों ने एआरटीओ को ज्ञापन देकर अवैध संचालन पर पूर्ण रूप से अंकुश न लगाए जाने पर 30 जनवरी से अनुबंधित बसों का सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय लखीमपुर में खड़ा करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तब तक डग्गामार वाहनों पर अंकुश नहीं लगेगा तब तक अनुबन्धित बसें कार्यालय प्रांगण में ही खड़ी रहेंगी, जिसकी जिम्मेदारी परिवहन निगम एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी की होगी। इसके बाद पदाधिकारियों ने एआरएम से मिलकर डग्गमावार वाहनों की समस्या से अवगत कराकर इन पर अंकुश लगवाने की मांग की। इस दौरान सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
