बहराइच: कोर्ट का फैसला, दुष्कर्म के एक आरोपी को 10 वर्ष कारावास की सजा
बहराइच, अमृत विचार: कोतवाली देहात के बहादुर पुरवा गांव निवासी एक व्यक्ति को नाबालिग बेटी के साथ अपहरण व दुष्कर्म के मामले में बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो की कोर्ट ने 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त को 70 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है और अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर अभियुक्त को पांच माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगा।
कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने 12 सितंबर 2017 को एसपी को संबोधित आनलाइन तहरीर दी थी। तहरीर में पिता ने कहा था कि वह 30 अगस्त 2017 को घर पर नही थी। घर पर उसकी 15 वर्षीय बेटी अकेली थी। इसी दौरान थाना कोतवाली देहात के बहादुर पुरवा गांव निवासी जुगेश बेटी को बहला फुसला कर भगा ले गया। पिता ने एसपी से घटना में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई थी। कोतवाली देहात की पुलिस ने पिता द्वारा दी गई ऑनलाइन तहरीर के आधार पर 18 सितंबर 2017 को मुकदमा दर्ज कर साक्ष्यों व पीड़ित बेटी के बयान आदि के साथ आरोपपत्र कोर्ट में सौंपा था।
बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट पर सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर विशेष शासकीय अधिवक्ता संतप्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक संतोष सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अपहरण व दुष्कर्म समेत अन्य मामलों में जुगेश को दोषसिद्ध करते हुए 10 वर्ष करावास की सजा सुनाई है।
