बरेली: निजी सहभागिता से पुनर्संचालित करायी जाएगी कताई मिल
राकेश शर्मा, बरेली। वर्ष 2017 में बहेड़ी की कताई मिल को पुनर्संचालित करने के जो प्रयास शुरू किये गये थे, वह धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। मिल को निजी सहभागिता से चालू कराने के लिये शासन स्तर पर तैयारी तेज हो गयी है। उप्र सहकारी कताई मिल्स लिमिटेड कानपुर के अधीन 11 मिलों में …
राकेश शर्मा, बरेली। वर्ष 2017 में बहेड़ी की कताई मिल को पुनर्संचालित करने के जो प्रयास शुरू किये गये थे, वह धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। मिल को निजी सहभागिता से चालू कराने के लिये शासन स्तर पर तैयारी तेज हो गयी है। उप्र सहकारी कताई मिल्स लिमिटेड कानपुर के अधीन 11 मिलों में से सिर्फ बहेड़ी मिल को ही पुनर्संचालित किया जाएगा। मिल की संपत्ति का मूल्यांकन कराया जा रहा है। भूमि और भवनों का मूल्यांकन हो चुका है। अभी वृक्षों की मूल्यांकन रिपोर्ट आनी शेष है।
मूल्यांकन कराने के कई फायदे बताए जा रहे हैं। इससे भूमि, आवास समेत संपत्ति का सही मूल्य सामने आ जाएगा। उसी के अनुसार निजी सहभागिता पर मिल को चालू कराने में मदद मिलेगी। तहसीलदार बहेड़ी ने भूमि के मूल्यांकन की रिपोर्ट में बताया कि फैक्ट्री 10 गाटों में 32.208 हेक्टेयर में फैली हुई है। 48 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से वर्तमान में भूमि 5.86 करोड़ रुपये की है जबकि लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने 11 नवंबर को भवनों के मूल्यांकन की रिपोर्ट भेजकर बताया है कि भवनों की लागत करीब 20.56 करोड़ रुपये आंकी गयी है। इधर, अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह की ओर से वन विभाग को 18 नवंबर को चौथा रिमाइंडर भेजा गया है।
भवनों को छह कैटेगरी में बांटकर किया मूल्यांकन
लोक निर्माण विभाग ने कताई मिल परिसर में बने भवनों को छह कैटेगरी में बांटकर मूल्यांकन किया है। गैर आवासीय भवन-एक में प्रोडक्शन हाउस, डीजी रूम, डाई हाउस, फाइवर गोदाम, वेस्टेज गोदाम, स्टोर गोदाम, प्रशासकीय विभाग, जीएम हाउस व गेस्ट हाउस शामिल हैं। नंबर दो गैर आवासीय भवन में धर्मकांटा, टाइम ऑफिस, गार्ड रूम, शॉप, पंप, डीजल शेड, कैंटीन, कालोनी गार्ड रूम, गैरिज के भवन शामिल हैं। इसके बाद लोनिवि ने अपनी रिपोर्ट में आवासीय भवन, लेबर आवास, वाटर ओवर हैड टैंक, बाउंड्रीवॉल को दर्शाया है।
2.336 हेक्टेयर भूमि में खड़े हैं पेड़
तहसीलदार बहेड़ी ने भूमि से संबंधित मूल्यांकन रिपोर्ट भेजकर बताया कि कताई मिल बहेड़ी के सैदपुर खुर्द गांव में स्थित है। राजस्व अभिलेखों के हिसाब से भूमि की पैमाइश की। 10 गाटों का रकबा 32.208 हेक्टेयर है। इसमें मिल, गोदाम, आवासीय परिसर के साथ खेती भी हो रही है। कृषि उपयोग में 9.883 हेक्टेयर भूमि लायी जा रही है। 2.336 हेक्टेयर भूमि में पेड़ खड़े हैं। जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित दर 48 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मूल्यांकन किया गया है।
राज्य में यहां थी कताई मिलें, अब बंद पड़ी हैं
उप्र सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड कानपुर के अधीन संचालित मिलें अमरोहा, बहेड़ी, मउआइमा, फतेहपुर, बहादुरगंज, कम्पिल, सीतापुर, मगहर, नगीना, बुलंदशहर और इटावा में हैं। सभी मिलें वर्तमान में बंद चल रही हैं। सभी मिलों के हजारों कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्त का हितलाभ देकर सेवानिवृत्त किया जा चुका है।
सभी मिलों की 1246.53 करोड़ है देनदारी
संघ की सभी मिलों की देनदारी 1246.53 करोड़ रुपये है। जिसमें कार्मिकों की देनदारी 65.10 करोड़ रुपये है। सभी मिलों की 711.10 एकड़ भूमि है। इसमें सरप्लस भूमि 377.64 एकड़ है। भूमि का सर्किल रेट के अनुसार 646.09 करोड़ रुपये भूमि की कीमत है। माना जा रहा है कि बहेड़ी मिल पर भी करीब दो एकड़ से अधिक की देनदारी है। यह रिपोर्ट वर्ष 2018 में तैयार की गयी थी।
