Gonda News: पहले 5 हजार फिर 10 हजार मांगी रिश्वत, जांच के बाद लेखपाल निलंबित 

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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मनकापुर/ गोण्डा, अमृत विचार: उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वत मांगना लेखपाल को भारी पड़ गया। समाधान दिवस में मिली शिकायत की जांच में आरोपी की पुष्टि होने पर उपजिलाधिकारी ने लेखपाल विनोद कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। निलंबित लेखपाल को तहसील कार्यालय से संबद्ध किया गया है और बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।

मनकापुर तहसील के ग्राम पंचायत धुसवा खास के रहने वाली कलावती ने एक फरवरी को संपूर्ण समाधान में जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए कहा था कि उनकी माता जगपता का 28 अगस्त 2024 को निधन हो गया था। उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के लिए उन्होंने तीन बार 26 सितंबर, 26 अक्टूबर 2024 और 10 जनवरी 2025 को आवेदन किया, लेकिन लेखपाल विनोद कुमार श्रीवास्तव ने कथित रूप से ₹5000 की रिश्वत लेकर भी उनका आवेदन खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, जब उन्होंने दोबारा आवेदन किया, तो लेखपाल ने ₹10,000 की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की। 

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए डीएम नेहा शर्मा ने मामले की जांच कराई, तो आरोप सही पाए गए। इस पर उन्होंने एसडीएम को कार्रवाई का निर्देश दिया था। डीएम के आदेश पर उपजिलाधिकारी यशवंत राव ने कार्रवाई करते हुए आरोपी लेखपाल विनोद श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान लेखपाल को तहसील कार्यालय मनकापुर से संबद्ध किया गया है और बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।

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