मैं न अच्छा बेटा बन सका न दोस्त, बाय-बाय...कानपुर में सुसाइड नोट लिखकर छात्रा ने लगाई फांसी 

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। मैं न तो अच्छा बेटा बन सका और न ही दोस्त। मेरी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न माना जाए। बाय-बाय फॉरेवर। सुसाइड नोट पर यह लिखकर दबौली निवासी 19 वर्षीय राहुल फंदे पर लटक गया। सुबह मां कमरे में पहुंची तो बेटे को लटका देख चीखने लगी। 

दबौली निवासी रमेश अग्रवाल प्राइवेट कर्मी हैं। उनका बेटा राहुल अर्मापुर पीजी कालेज से स्नातक का छात्र था। परिवार में रमेश की पत्नी किरन, बेटी ज्योति व एकलौता बेटा राहुल था। रमेश के अनुसार भूतल पर उनके बड़े भाई नरेश का परिवार रहता है। वह लोग पहली मंजिल पर रहते हैं।

उनके अनुसार बेटा कुछ समय से किसी लड़की से फोन पर बात करता था। पूछने पर टाल जाता। शुक्रवार रात बेटा उनके पास आया और एक हजार रुपये मांगे। ऑनलाइन ट्रांसफर करने पर वह कमरे में सोने चला गया।

सुबह पांच बजे पत्नी किरन चाय बनाने कमरे में गई तो बेटे का शव लटका देखा। शोर मचाने पर परिजन पहुंचे और फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पाकर पहुंची गोविंदनगर पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया। सुसाइड नोट बरामद किया। 

उसी लड़की को भेजा था पैसा 

रमेश के अनुसार बेटे की मौत के बाद शनिवार को उसके मोबाइल पर एक लड़की का फोन आया। बेटी ने राहुल की मौत की जानकारी दी तो उसने फोन काट दिया। मोबाइल की जांच पर पता चला कि बेटे ने जो पैसे लिए थे, रात में ही उसी लड़की को ट्रांसफर कर दिया था।

 

 

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