Magh Purnima 2025: माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान से मिलता है देवताओं का आशीर्वाद, इन चीजों का दान करने से मिलेगा विशेष लाभ...

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कानपुर, अमृत विचार। पंचांग के अनुसार माघी पूर्णिमा 12 फरवरी, बुधवार को है। माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 11 फरवरी को शाम 6 बजकर 55 मिनट से प्रारंभ हो रही है और इसका समापन 12 फरवरी 2025 को शाम 07 बजकर 22 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार माघी पूर्णिमा 12 फरवरी है। 

ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन देवता स्वयं पृथ्वी पर आकर पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। इस दिन स्नान करने वाले व्यक्ति को देवताओं का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह माना जाता है कि स्वयं भगवान विष्णु माघ मास में त्रिवेणी संगम (प्रयागराज) में निवास करते हैं, इसलिए यहाँ स्नान का विशेष महत्व है। राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए गंगा को पृथ्वी पर अवतरित कराया था। इसलिए माघ मास में स्नान से पितरों को भी तृप्ति मिलती है। 

मनोज कुमार द्विवेदी

पूर्णिमा तिथि चंद्रमा की ऊर्जा से भरपूर होती है, जिससे मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है। माघ पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी पूरी चमक लिए होता है, जिससे पृथ्वी पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह दिन सौर और चंद्र ऊर्जा के अद्भुत संतुलन का प्रतीक होता है, जिससे ध्यान और साधना करना अधिक प्रभावी होता है। इस दिन अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, कम्बल आदि का दान करने से अनेक गुना फल मिलता है। 

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