Kanpur: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में इंफेक्शन कंट्रोल नर्स तैनात, सरकारी और निजी अस्पतालों के ऑपरेशन थियेटरों का करेगी सर्वे

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर, (विकास कुमार)। ऑपरेशन के दौरान सबसे ज्यादा जरूरी होता है मरीज को संक्रमण से बचाना और खुद भी संक्रमित होने से बचना। इसके लिए ओटी साफ-सफाई युक्त और किसी भी प्रकार के संक्रमण मुक्त होना अनिवार्य है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओटी संक्रमित तो नहीं है, अब इसकी जांच जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की टीम करेगी। 

शहर में ऐसे कई निजी अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है, जो मानक विहीन हैं और साफ-सफाई का अभाव होने के साथ ही उनका ऑपरेशन थियेटर भी संक्रमित रहता है। अब ऐसे लोगों पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर से कार्यवाही की जाएगी। यह कार्यवाही जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के टीम द्वारा निरीक्षण में दी गई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। हॉस्पिटल इंफेक्शन कंट्रोल प्रोगाम के तहत जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी में इंफेक्शन कंट्रोल नर्स पद इजाद हुआ है। 

इस पद पर एक पुरुष नर्स की तैनाती की गई है, जो टीम के साथ अस्पतालों में जाकर वहां की ओटी का निरीक्षण करेंगे। साथ ही अपनी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय में भी जमा करेंगे। साफ-सफाई और संक्रमण रोकने के नियम भी बताएंगे। सीएमओ डॉ.हरि दत्त नेमी के मुताबिक ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू को संक्रमण से मुक्त रखने के लिए अभियान का संचालन किया जा रहा है। जिन अस्पताल के संचालकों को एक बार नोटिस देकर निर्देश दिए जाएंगे, उनमें दोबारा संक्रमण मिलने पर कार्रवाई भी होगी।

सुडोमोनास और स्टाफीलो कोकस बैक्टीरिया घातक 

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.सुरैया खानम अंसारी ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू में सुडोमोनास और स्टाफीलो कोकस नामक बैक्टीरिया देखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर यह दोनों बैक्टीरिया होते हैं तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इनकी वजह से घाव भरने में दिक्कत आती है और घाव से पस भी आ सकता है। डॉक्टरों के मुंह या नाक के माध्यम से यह बैक्टीरिया शरीर में जाने पर उनको भी तकलीफ का सामना करना पड़ता है।

यह भी पढ़ें- Kanpur: टहलाने ले जाएं तो दूसरे कुत्तों से रखें दूर, संपर्क में आने से डॉग्स में पारवो वायरस होने का खतरा

 

संबंधित समाचार