Kanpur: जेईई मेन पार, अब एडवांस की तैयारी में जुटेंगे, घंटों तक रोजाना अध्ययन कर छात्रों ने पाई सफलता
कानपुर, अमृत विचार। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जेईई मेन सत्र-2 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें जिले के होनहार छाए रहे। जेईई मेन में सफलता के बाद अब विद्यार्थी एडवांस की तैयारी में जुट गए हैं। जेई मेन में यह सफलता होनहरों को 10 से 12 घंटे अध्ययन करने पर मिली है। होनहारों ने सोशल मीडिया का उपयोग अधिक नहीं किया था। कालरा शुक्ला क्लासेस के 11 छात्रों ने 99+ पर्सेंटाइल प्राप्त की। कालरा शुक्ला क्लासेस के तनुज मेहरोत्रा ने बताया कि विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन से कानपुर के सर्वश्रेष्ठ कोचिंग संस्थान के रूप में पहचान और मजबूत हुई है। यह शानदार उपलब्धि छात्रों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
समयबद्धता, अनुशासन और एकाग्रता से सफलता
जेईई मेन में 99.92 प्रतिशत के साथ सफल होने वाले कृष्णा पांडेय काकादेव के नवीन नगर में रहते हैं। उनके पिता हिमराज पांडेय ने बताया कि आईआईटी पाना बेटे का लक्ष्य है। इसके लिए वह जेईई मेन की तैयारी करेगा। बेटा घर में 4 घंटे पढ़ाई को देता है। नियमित स्कूल जाता है और कोचिंग अटेंड करता है। मोबाइल फोन का सदुपयोग कर वह स्टडी को और मजबूत करता है। पढ़ाई में एकाग्रता को मजबूत करने के लिए उसने समय पालन और अनुशासन को आधार बनाया।
सुबह मेडिटेशन से लक्ष्य हुआ ‘प्रत्यक्ष’
जेईई मेन में 99.85प्रतिशत के साथ सफल होने वाले प्रत्यक्ष जायसवाल दिन की शुरुआत मेडिटेशन से करते हैं। सुबह 5 बजे उठकर योग करने के बाद और कोचिंग जाने से पहले 3 घंटे अपनी पढ़ाई को देते हैं। पिता अमर प्रताप जायसवाल उनका उत्साह बढ़ाते हैं। इंटरमीडिएट में 87 और हाईस्कूल में 93 प्रतिशत अंक पाने वाले प्रत्यक्ष को फिजिक्स और मैथ में शुरु से ही रुचि रही है। पढ़ाई से ब्रेक लेने पर मित्रों से बातचीत और चेस खेलते हैं। अब जेईई एडवांस के लिए तैयार हैं।
बारादेवी निवासी इंजीनियर शशिकांत तिवारी के बेटे संकल्प तिवारी ने जेईई मेन में 99.78 फीसदी अंक हासिल कर शहर के साथ ही अपने माता-पिता और शिक्षकों का सिर गर्व से ऊंचा का दिया। बताया कि शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए विषयों को वह घर आकर काफी पढ़ते थे। सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ पेपर का पैट्रन देखने के लिए था, लेकिन ज्यादा काम नहीं आया। लेकिन प्रतियोगी परीक्षा या जेई की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों से अपील है अपने आप से जरूर अध्ययन करे। संकल्प ने सफलता का श्रेय मां पम्मी, पिता शशिकांत समेत शिक्षिकों को दिया।
आठ से 10 घंटे की पढ़ाई और सफलता पाई
अफीमकोठी स्थित एल्डिको अपार्टमेंट में रहने वाले अभय कुमार दूबे फतेहपुर एलआईसी में विकास अधिकारी है। इनके बेटे अनंतमणि ने जेइई मेन में 99.71 फीसदी अंक हासिल कर शहर का नाम रोशन कर दिया। अनंतमणि की बड़ी बहन अवंतिका डॉ.राम मनोहर लोहिया में डॉक्टर है और भाई अक्षय दुबे कम्प्युटर साइंस से बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र है। बताया कि आठ से 10 घंटे अध्ययन करने पर जेईई मेन में सफलता मिली है। अब एडवांस की तैयारी और अच्छे ढ़ग से करनी है। सफलता का श्रेय अनंतमणि ने माता विजया दूबे, पिता अभय, भाई अक्षय व बहन डॉ.अवंतिका और शिक्षकों को दिया।
