कासगंज: मंडी में मटर की आवक पहुंची चरम पर, यातायात सुचारू बना चुनौती!
मोहनपुरा, अमृत विचार: हरी मटर के लिए विख्यात मोहनपुरा मटर मंडी इन दिनों अपने चरम पर है। स्थानीय के अतिरिक्त बाहरी जनपदों से आ रही मटर के कारण मंडी में भारी भीड़ बनी हुई है। आलम यह है कि जिधर नजर उठाओ, उधर सिर्फ मटर लदे वाहन ही नजर आते हैं।
मोहनपुरा से कासगंज रोड पर करीब 6 किमी तक, सिकंदराराऊ रोड पर करीब 2 किमी तक, मारहरा रोड पर करीब डेढ़ किमी तक और सलेमपुर पीरौंदा रोड पर करीब एक किमी तक वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। इसके अतिरिक्त टीकमपुरा और बाईपास रोड पर भी वाहनों की कतारें देखी जा रही हैं। स्थानीय निवासी किशन ने बताया कि जाम के कारण आवागमन में बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही है।
वहीं, भानु प्रताप सिंह ने बताया कि जाम अब रोजाना की समस्या बन गया है और देर रात तक खुल पाता है। गौरतलब है कि कस्बा मोहनपुरा राष्ट्रीय राजमार्ग 530 बी पर स्थित है, जहां पहले से ही वाहनों का भारी दबाव रहता है। मटर मंडी के कारण यातायात की स्थिति और बिगड़ जाती है। यातायात को सुचारू रखने के लिए स्थानीय पुलिस चौकी के अतिरिक्त अन्य थानों से भी फोर्स बुलाया गया है। मटर की भारी आवक के चलते सैकड़ों ट्रकों में माल प्रतिदिन विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा है।
अक्सर होती हैं नोंकझोंक की घटनाएं
भारी यातायात और मटर लदे वाहनों के कारण किसानों, राहगीरों, स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन के बीच नोंकझोंक की घटनाएं आम हो गई हैं। लगातार कई घंटों तक जाम में फंसे रहने से राहगीर भी परेशान हो जाते हैं। एक दिन पूर्व ही पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए थे। बाद में घायल उपनिरीक्षक सुशील तिवारी द्वारा आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के आधार पर पुलिस ने किसानों को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दिया।
बड़ी संख्या में तैनात किया गया है फोर्स
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से स्थानीय मोहनपुरा चौकी के अतिरिक्त अन्य थानों से भी फोर्स की तैनाती मंडी स्थल पर की गई है। पूरे दिन पुलिसकर्मी जाम न लगने देने के प्रयास में जुटे रहते हैं।
सड़क किनारे जगह-जगह व्यापारियों के कांटे लगे
मटर मंडी में इस समय सैकड़ों व्यापारी अपने कांटे लगाकर व्यापार कर रहे हैं। कई किलोमीटर तक मटर लदे वाहनों की कतारें होने के कारण व्यापारियों ने सड़क किनारे ही जगह-जगह कांटे लगाकर खरीद शुरू कर दी है, ताकि मंडी परिसर में पहुंचने से पहले ही मटर की बिक्री हो जाए और यातायात का दबाव कम किया जा सके। मटर का सौदा होते ही ट्रकों में लदान कराकर इसे विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा है।
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