Bareilly: पुलिस भर्ती में हेराफेरी! उम्र छुपाने के लिए बदली जन्मतिथि, बायोमीट्रिक ने खोल दी पोल

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। पुलिस भर्ती के लिए निर्धारित उम्र सीमा पार कर चुके एक युवक ने नौकरी पाने की लालसा में अपने प्रमाणपत्रों में हेराफेरी कर दी। लेकिन उसकी यह चालाकी अधिक समय तक नहीं टिक सकी। भर्ती बोर्ड के सदस्यों ने समय रहते इस फर्जीवाड़े को पकड़ लिया और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
थाना कैंट क्षेत्र स्थित 8वीं वाहिनी पीएसी परिसर में इन दिनों नागरिक पुलिस में आरक्षी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा चल रही है। पुलिस के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने आए अभ्यर्थी सोनू गुप्ता पर शक होने के कारण उसे रोका गया।

जब भर्ती बोर्ड ने उसकी जानकारी जांची, तो पता चला कि एटा जिले के थाना मिरहची के गांव अख्तोली नया बांस निवासी सोनू की वास्तविक उम्र उसके दस्तावेजों से मेल नहीं खा रही थी। उसे देखने से ही लग रहा था कि वह कागजों में दर्ज उम्र से कहीं अधिक का है।

फर्जी दस्तावेजों से जुटाए नए प्रमाणपत्र
बायोमीट्रिक सत्यापन और ई-केवाईसी जांच के दौरान उसके पास से फर्जी आधार कार्ड, हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की जाली मार्कशीट बरामद हुईं। मौके पर तैनात इंस्पेक्टर विपिन कुमार और दरोगा मोहित चौधरी ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी के पास से हाईस्कूल की दो अलग-अलग मार्कशीट मिलीं—एक वर्ष 1995 की और दूसरी 2001 की। पुलिस ने उसे कैंट थाने ले जाकर मुकदमा दर्ज किया।

कैसे किया गया फर्जीवाड़ा?
भर्ती बोर्ड के नोडल अधिकारी एसपी यातायात अकमल खान ने आरोपी सोनू गुप्ता से पूछताछ की। उसने बताया कि उसकी भर्ती की उम्र निकल चुकी थी, इसलिए उसने आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर अपनी जन्मतिथि 10 फरवरी 1995 से बदलकर 30 जून 2001 कर ली।

इसके बाद, उसने इसी फर्जी आधार कार्ड का उपयोग कर दोबारा हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की नई मार्कशीट बनवा ली। नई उम्र और नए प्रमाणपत्रों के सहारे वह पुलिस भर्ती में शामिल होने पहुंचा था, लेकिन बायोमीट्रिक और ई-केवाईसी जांच में उसका भेद खुल गया।

न्यायालय में होगी पेशी
एसपी यातायात ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि सोनू गुप्ता को फर्जी दस्तावेज बनवाने में किसकी मदद मिली थी। यदि इसमें कोई और शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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