पिनाका का मूल्यांकन करने शहर आ सकता फ्रांसीसी दल, PM Modi के दौरे में फ्रांस ने पिनाका रॉकेट लांचर खरीदने में दिखाई दिलचस्पी

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। शहर की आयुध निर्माणी (ओएफसी) में निर्मित पिनाका रॉकेट लांचर को खरीदने में फ्रांस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यात्रा के दौरान गहरी दिलचस्पी दिखाई है। जवाब में मोदी ने फ्रांस के सैन्य अधिकारियों को पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लांचर की खूबियों का मूल्यांकन करने के लिए भारत आमंत्रित किया है। 

डीआरडीओ द्वारा डिजाइन और डेवलप स्वदेशी पिनाका रॉकेट लांचर का महत्वपूर्ण हिस्सा कानपुर में एडवांस वेपन इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड की यूनिट ओएफसी में बनाया जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि फ्रांसीसी दल कानपुर भी आ सकता है।

पिनाका के कई वर्जन विकसित किए जा चुके हैं। मार्क वन शुरुआती वर्जन था जिसकी मारक क्षमता 40 किमी थी। नए वर्जन में यह 75 किमी दूर तक एक किमी प्रति सेकेंड से भी अधिक रफ्तार से निशाना लगाने में सक्षम है, जिसे और उन्नत बनाते हुए मारक क्षमता 120 किमी तक बढ़ाने पर काम चल रहा है। अपनी सटीक क्षमता के कारण पिनाका को दुनिया के सबसे एडवांस आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम का रुतबा हासिल है। 

इससे 22 सेकेंड में 72 रॉकेट दागे जा सकते हैं। विशेषज्ञ सूत्र बताते हैं कि रॉकेट लॉन्चर में फ्यूज, वारहेड, रॉकेट मोटर, स्टेबिलाइजर मुख्य भाग होते हैं। स्टेबिलाइजर रॉकेट को स्थिरता और सटीक लक्ष्य पर दागने में मदद करता है। एक लॉन्चर में 12 रॉकेट लगाए जा सकते हैं। भारतीय सेना अभी मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर मार्क वन का इस्तेमाल करती है। आधुनिक रॉकेट लॉन्चर मिलने से सेना की ताकत में खासा इजाफा होगा। 

कारगिल युद्ध में इसका खासा उपयोग किया गया था। बताया जाता है कि यूक्रेन जंग में रूसी सेना को पीछे जाने के लिए मजबूर करने वाले कई मॉडर्न हथियारों में से एक अमेरिकी हिमार्स मिसाइल भी है। लेकिन हिमार्स को रेंज के मामले में भारत के पिनाक ने पीछे छोड़ दिया है।

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