बरेली: विस्फोटक सामग्री से बनने वाला ये मांझा, चाइनीज से भी ज्यादा है खतरनाक
बरेली, अमृत विचार। चाइनीज से ज्यादा विस्फोटक सामग्री से बनने वाला मांझा खतरनाक है। मांझा सिंडीकेट इसे शहर में कई जगहों पर लंबे समय से बनवा रहे थे। बाकरगंज में हादसा होने पर तीन लोगों की मौत के बाद इस बात का खुलासा हुआ था। पुलिस की सख्ती के बाद इस तरह का मांझा शहर में बनना बंद हो गया है। सूत्रों के अनुसार पतंग प्रतियोगिता और विशेष मांग पर यह मांझा तैयार किया जाता था। इसकी सप्लाई लखनऊ, दिल्ली समेत कई राज्यों में होती थी।
बाकरगंज खड्ड के पास 7 फरवरी को मांझा बनाते समय ब्लास्ट होने पर फैक्ट्री संचालक और दो मजदूरों की मौत हो गई थी। नाम न छापने की शर्त पर दुकानदारों ने बताया कि विस्फोटक चीजों से मिलाकर बनने वाला मांझा चाइनीज मांझे से भी ज्यादा खतरनाक है। गंधक, पोटाश, सल्फर, शीशे का चूरा, स्टील का बारूद समेत कई चीजों से मिलकर बनाया गया मांझा काफी खतरनाक हो जाता है।
इसकी धार चाइनीज मांझे से भी ज्यादा पैनी होती है। कई मांझा कारीगरों ने बताया कि वे देसी मांझा ही बनाते हैं। उससे किसी तरह का कोई खतरा नहीं होता है, लेकिन ज्यादा पैसा कमाने के लालच में कुछ लोगों ने चाइनीज मांझे से भी ज्यादा घातक मांझा बनाना शुरू कर दिया था। पुलिस की सख्ती के बाद से देसी मांझा बनाने वालों की भी रोजी रोटी पर संकट बन गया है।
मांग पर तैयार होता था विस्फोटक मांझा
एक दुकानदार ने बताया कि खतरनाक मांझे का इस्तेमाल बड़े पतंग के आयोजन में होता है। मांझे को धार देने के लिए उसमें गंधक पोटाश के साथ स्टील का बारूद मिलाकर लुद्दी तैयार करने के बाद मांझा सूता जाता था। जिसकी एक चरखी की कीमत सात हजार से 10 हजार रुपये तक है। जबकि चाइनीज मांझे की एक चरखी 200 से 300 रुपये में मिल जाती है। चाइनीज मांझा सूरत की एक कंपनी में तैयार होता है।
देसी मांझा 40 से 400 रुपये में
दुकानदारों के अनुसार पहले यहां देसी मांझा ही बनाया जाता था। जिसकी एक चरखी की कीमत 40 से 400 रुपये तक है, लेकिन अधिक मुनाफे के लिए कई जगह विस्फोटक मांझा बनाया जाने लगा।
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