बदायूं: हत्या करने के दो दोषियों को आजीवन कारावास, 10 हजार जुर्माना
बदायूं, अमृत विचार। तकरीबन बीस साल पहले हत्या करने मामले में दो आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर दस-दस हजार का जुर्माना भी लगाया। इस मामले में एक दोषी को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव ताहरखेड़ा निवासी पप्पू ने तीन मई 2005 को तहरीर देकर बताया कि वह अपनी चाचा मुकर्रम के साथ अपनी ससुराल भवानीपुर खल्ली में गए हुए थे। जब वह उस गांव के प्रधान से मिलने जा रहे थे तो शाम को लगभग आठ बजे मस्जिद के पास उसी गांव के बिट्टन व आसिफ पुत्र जान मोहम्मद और मुशाहिद पुत्र इस्लाम ने मुकर्रम को पकड़ लिया और जबरदस्ती खींचकर गाली-गलौज करते हुए अपने घरों की तरफ ले जाने लगे। विरोध किया और वजह पूछी कि ऐसे क्यों कर रहे है तब बिट्टन आदि ने बताया कि इसके पास हमारा तमंचा है। आज इससे तमंचा वापस लेकर रहेंगे। इसी दौरान गांव के कुछ लोग आ गए। जिसमें प्रधान भी मौजूद थे। उन्होंने भी वजह जानने की कोशिश की तो आरोपियों ने कहा कि हमारा तमंचा इसके पास है। यह वापस कर दे। मुकर्रम ने कहा कि उसके पास तमंचा नहीं है।
इसी दौरान कहासुनी होने लगी। तभी आसिफ ने मुकर्रम पर फायर कर दिया। गोली लगने से मुकर्रम की मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की। साक्ष्य संकलित करके आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने आसिफ को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर और दलीलें सुनने के बाद दोषी बिट्टन और मुशाहिद को भी आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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