बदायूं: चकबंदी अधिकारी का पेशकार दो लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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कोर्ट के आदेश के बावजूद चकबंदी अधिकारी के कहने पर पेशकार ने लिए थे रुपये

बदायूं, अमृत विचार। एंटी करप्शन की टीम के लगातार कार्रवाई के बाद भी भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है। काम कराने के एवज में रुपयों की मांग की जा रही है। कोर्ट के आदेश के बाद भी चकबंदी अधिकारी और कार्यालय के पेशकार/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने दो लाख रुपये रिश्वत मांगी। मामला एंटी करप्शन टीम तक पहुंचा। टीम ने सोमवार को जाल बिछाकर पेशकार को दो लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। सिविल लाइन कोतवाली में चकबंदी अधिकारी प्रमोद कुमार सिंघल और पेशकार रामनरेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज गई गई। एंटी करप्शन टीम पेशकार को साथ ले गई। 

जिले में चकबंदी को लेकर बहुत सी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। पिछले दिनों डीएम ने बैठक करके चकबंदी अधिकारी के अलावा कर्मचारियों को किसानों से समन्वय करके कार्य करने का निर्देश और ग्रामीणों से सहयोग करने का आह्वान किया था। थाना इस्लामनगर क्षेत्र के गांव सिठौली निवासी अजीत सिंह ने बरेली जाकर एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। बताया था कि उनकी मां मंजुल की जमीन बिसौली तहसील के चकबंदी अधिकारी ने दूसरे गाटा संख्या में दर्ज कर दी थी। आदेश के खिलाफ अजीत सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने चकबंदी अधिकारी के आदेश को निरस्त करके जमीन को दोबारा से मंजुल के नाम पर दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने को चकबंदी अधिकारी प्रमोद कुमार सिंघल ने रिश्वत की मांग की। उनके कहने पर पेशकार/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामनरेश ने दो लाख रुपये की मांग की।

कई बार मांग करने के बाद भी चकबंदी अधिकारी ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया। जिसके चलते अजीत सिंह ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। टीम के सीओ यशपाल सिंह ने सोमवार को जाल बिछाया। अजीत सिंह को दो लाख रुपये लेकर पेशकार के पास भेजा। दोपहर लगभग सवा दो बजे न्यायालय चकबंदी अधिकारी, बिसौली के गेट से पेशकार जिला हरदोई के थाना विलग्राम क्षेत्र के गांव घनसरे निवासी रामनरेश को रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम पेशकार को पकड़कर सिविल लाइन कोतवाली ले गई। सीओ की तहरीर पर चकबंदी अधिकारी और पेशकार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।

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