Prayagraj :राज्यस्तरीय गतिविधियों के बावजूद कैदियों को उपलब्ध हो बेहतर उपचार

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Edited By Amrit Vichar
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Amrit Vichar, Prayagraj : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक हत्यारोपी को इलाज के लिए अस्पताल ना ले जाने पर सरकार और संबंधित जेल अधीक्षक को फटकार लगाते हुए कहा कि आरोपी राज्य की हिरासत में है। ऐसे में राज्य किसी भी आधार पर उसे पर्याप्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करने से इनकार नहीं कर सकता है। कोर्ट ने अपने आदेश में आगे कहा कि फिरौती या किसी अन्य कारण से जेल में बंद कैदी की जान से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है।

नागरिक के जीवन की रक्षा करना राज्य का प्रमुख कर्तव्य है। अतः राज्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि राज्य या क्षेत्र के भीतर किसी भी गतिविधि के बावजूद जेल के कैदियों को समय पर और उचित उपचार उपलब्ध हो। उक्त टिप्पणी न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने कयामुद्दीन की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। इसके अलावा कोर्ट ने याची की चिकित्सा स्थिति और ट्रायल कोर्ट के समक्ष उसकी शारीरिक उपस्थिति की व्यवहार्यता के संबंध में एक नई रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने जिला जेल, देवरिया के पुलिस अधीक्षक से जानकारी मांगी कि क्या याची की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्रायल कोर्ट में उपस्थिति संभव है। इस संबंध में कोर्ट ने 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगते हुए मामले की अगली सुनवाई आगामी 6 मार्च 2025 को सुनिश्चित की है।

मालूम हो कि सितंबर 2024 में याची की दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याची को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के संबंध में जेल अधीक्षक के उदासीन रवैये को अस्वीकार्य और अनुचित करार दिया था। दरअसल अप्रैल 2024 में अपर सत्र न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक, देवरिया को याची को चिकित्सा उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया, लेकिन जेल अधीक्षक ने लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए पुलिस बल की अनुपलब्धता बताकर उपचार प्रदान करने से इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आवश्यक बल उपलब्ध होने पर याची के लिए उपचार की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद सितंबर 2024 में याची की दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने संबंधित पुलिस अधीक्षक को मामले को व्यक्तिगत रूप से देखने का निर्देश देते हुए मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।

आदेश के अनुपालन में संबंधित जिलाधिकारी और एसपी ने अपने हलफनामे में बताया कि याची का इलाज जिला जेल में चल रहा है और बेहतर देखभाल के लिए उसे जिला अस्पताल, स्थानीय मेडिकल कॉलेज और बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि याची को 9 जुलाई 2024 को सर्जरी सहित निरंतर उपचार प्राप्त हुआ। हालांकि चुनावों के कारण पुलिस बल विशिष्ट तिथियों पर उपलब्ध नहीं हो सका। याची को कुल तीन बार संबंधित चिकित्सक के समक्ष विशिष्ट तिथियों पर प्रस्तुत न करने पर कोर्ट ने असंतोष व्यक्त किया और याची के स्वास्थ्य और उपचार को लेकर नई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए।

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