लखीमपुर खीरी: बाघ-बाघिन की मौत की प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने शुरू की जांच

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Edited By Pradeep Kumar
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पलिया कलां, अमृत विचार। गांव फुलवरिया में बाघिन की पीटकर की गई हत्या और भीरा-पलिया मार्ग पर कार की टक्कर से मारे गए बाघ के मामले की जांच करने शुक्रवार को प्रमुख वन संरक्षक के नेतृत्व में एक जांच टीम पलिया पहुंची। टीम ने गांव फुलवरिया समेत दोनों घटनास्थलों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से भी बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए। जांच टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगी। 

शुक्रवार की दोपहर उत्तर प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक केके सिंह, मुख्य वन संरक्षक प्रचार-प्रसार पीपी सिंह,  दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन, उपनिदेशक एवं प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. रंगा राजू टी आदि वनाधिकारियों के साथ गांव फुलवरिया पहुंचे। उनके साथ रेंजर पलिया विनय कुमार सिंह भी थे। सभी अफसर पहले उस स्थान पर पहुंचे, जहां पर महिला को हमला कर घायल करने वाली बाघिन को पीट-पीटकर मार डाला गया था। टीम ने बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों और बाघिन के बीच हुए संघर्ष के साक्ष्य जुटाए गए। जांच-पड़ताल के बाद टीम बाघिन के हमले में घायल महिला रामरानी और गांव के ही झोटिल के घर पहुंची। घर वालों और ग्रामीणों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। टीम ने घटना के बाद वनाधिकारियों की भूमिका का भी पता लगाने की कोशिश की। 

अफसरों ने करीब एक घंटे तक फुलवरिया गांव में जांच पड़ताल की। इससे गांव में हड़कंप मचा रहा। अफसरों के पहुंचने के पहले तमाम ग्रामीण घरों से खिसक गए। उनके घरों पर महिलाएं ही मिलीं। उसके बाद सभी अधिकारी भीरा-पलिया मार्ग पर भीरा-पलिया हाईवे पर पहुंचे। उन्होंने भीरा-पलिया हाईवे पर रोड क्रॉस करते समय कार की टक्कर से मारे गए बाघ का भी घटनास्थल देखा। उसके बाद टीम दुधवा नेशनल पार्क वापस लौट गई। 

इस दौरान पलिया कोतवाल मनबोध तिवारी भारी पुलिस बल और वनकर्मी मौजूद रहे। बता दें कि बुधवार की तड़के एक बाघिन ने गांव फुलवरिया निवासी रामरानी और गांव के ही झोटिल पर हमला कर दिया था। इससे दोनों घायल हो गए थे। हमले से गुस्साए ग्रामीणों ने बाघिन को घेर कर उसकी लाठियों से पीटकर हत्या कर दी थी। इसके करीब दस घंटे बाद किशनपुर सेंच्युरी क्षेत्र से निकले एक बाघ की भीरा पलिया मार्ग पर कार की टक्कर से मौत हो गई। उसका शव सड़क किनारे पड़ा बरामद हुआ था। 

बाघिन और बाघ की मौत से वनविभाग के वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। उधर बाघिन के हमले में घायल महिला और बुर्जुग का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक के नेतृत्व टीम आई थी। टीम ने दोनों घटना स्थलों का निरीक्षण किया है। ग्रामीणों से भी जानकारी ली गई है। जांच टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

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