बरेली: कोरोना काल में अस्थमा मरीजों के लिए वरदान बनी होम्योपैथी
बरेली,अमृत विचार। प्रदूषण, धूम्रपान, संक्रमण और जीवनशैली की वजह से बढ़ता अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी सहित सांस संबंधी विभिन्न बीमारियों का होम्योपैथी में न केवल इलाज मुमकिन है बल्कि मरीज एंटीबायोटिक दवाओं के दुष्प्रभावों से भी बच जाता है। होम्योपैथी में दवाओं के दुष्प्रभाव नहीं होते जबकि अस्थमा, एलर्जी और ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए दवाओं …
बरेली,अमृत विचार। प्रदूषण, धूम्रपान, संक्रमण और जीवनशैली की वजह से बढ़ता अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी सहित सांस संबंधी विभिन्न बीमारियों का होम्योपैथी में न केवल इलाज मुमकिन है बल्कि मरीज एंटीबायोटिक दवाओं के दुष्प्रभावों से भी बच जाता है। होम्योपैथी में दवाओं के दुष्प्रभाव नहीं होते जबकि अस्थमा, एलर्जी और ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए दवाओं के दुष्प्रभाव बहुत बड़ी मुश्किल साबित होते हैं।
जिला अस्पताल परिसर में बने राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में अब तक कुल 40 मरीज अस्थमा की बीमारी से पूरी तरह निजात पा चुके हैं। वहीं, कुछ का इलाज अभी चल रहा है।
राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय की चिकित्साधिकारी डा. कल्पना चौहान ने बताया कि अस्थमा के मरीजों के लिए कोरोना संक्रमण बेहद घातक साबित हो सकता है। इससे बचाव के लिए आर्सेनिक, ब्राइनिया, स्पोंजिया, कालिकार, ब्लाटा ओरंटेलिस, नैट्रमसल्फ, अरेलिया दवाओं के सेवन से अस्थमा की बीमारी पूर्णतया खत्म होती है। एलोपैथी में अस्थमा का पूर्णयता खात्मे का इलाज नहीं है। एलोपैथी में चिकित्सालय इनहेलर के माध्यम से सांस की नली को फैला देते हैं जिससे रोगी को सांस लेने में समस्या नहीं होती।
वहां कार्यरत कर्मचारी के अनुसार, वर्ष 2019 में 150 अस्थमा रोगियों ने चिकित्सालय की ओपीडी में इलाज कराया था जिनमें से 80 फीसद मरीजों की बीमारी पूरी तरह खत्म हो गई। वहीं, इस वर्ष 105 मरीजों ने चिकित्सालय में अस्थमा की शिकायत बताई। अस्थमा के मरीज का इलाज होम्योपैथी में तीन से छह माह तक चलता है जिन्हें विशेष एहतियात बरतने के साथ आर्सेनिक, ब्राइनिया, स्पोंजिया दवाएं दी जाती हैं।
अस्थमा मरीजों को है संक्रमण का अधिक खतरा
अस्थमा सांस से जुड़ी बीमारी है। इसके रोगियों के लिए कोरोना संक्रमण जोखिम भरा साबित हो सकता है। चिकित्सकों ने ऐसे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि अस्थमा श्वसन तंत्र से संबंधित बीमारी है। अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति को संक्रमण होना गंभीर हो सकता है।
858 अस्थमा रोगियों ने जीती थी कोरोना से जंग
अस्थमा रोगियों को कोरोना संक्रमण तेजी से चपेट में ले रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से चिकित्सक भी ऐसे मरीजों को लेकर फिक्रमंद हैं। संक्रमण से बचाव के लिए एहतियात जरूरी है। जो लोग किन्हीं कारणों से संक्रमण की चपेट में आ गए हैं उनमें से अधिकतर ने हार नहीं मानी और स्वस्थ होकर घर लौटे। अप्रैल से अब तक जिले में ऐसे 858 संक्रमित सामने आए हैं जो संक्रमण के साथ ही अस्थमा की चपेट में थे।
“होम्योपैथी पद्धति से अब तक कुल 40 अस्थमा रोगियों को एहतियात और दवाओं के जरिए ठीक किया जा चुका है। अभी कुछ मरीजों का इलाज चल रहा है।” -डा. कल्पना चौहान, चिकित्साधिकारी, राजकीय होम्योपैथी चिकित्सालय
