शाहजहांपुर: गैस रिसाव हुआ या केमिकल से मची भगदड़, शुरू हुई जांच
शाहजहांपुर, अमृत विचार। गैस लीक की अफवाह से मची भगदड़ के मामले में सच्चाई जानने के लिए जिला प्रशासन और राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू करा दी है। भगदड़ मचने का सही कारण क्या था यह बात जांच के बाद सामने आएगी। प्रथम दृष्ट्या माना जा रहा है कि ऑपरेशन थियेटर में केमिकल ज्यादा मात्रा प्रयोग किया गया होगा। बाद में यही केमिकल भगदड़ मचने का कारण बना होगा। दूसरी ओर सोमवार को मेडिकल कालेज में स्थिति सामान्य रही। रविवार की घटना का कोई असर देखने को नहीं मिला।
रविवार की शाम साढ़े चार बजे मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर के ऑपरेशन थियेटर से अचानक धुंआ और गंध बाहर आया। ट्रामा सेंटर में भर्ती को मरीजों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन मचने लगी। इस दौरान ट्रामा सेंटर में अफवाह फैल गई कि गैस लीक हो गई है। इस दौरान ट्रामा सेंटर और वार्ड में भगदड़ मच गई। तीमारदार अपने मरीजों को लेकर सुरक्षित स्थान पर भागने लगे। किसी ने अफवाह फैला दी कि ऑपरेशन थियेटर में आग लग गयी। दमकल टीम ने ऑपरेशन थियेटर का ताला तोड़ा तो आग नहीं थी। हालांकि केमिकल का धुंआ भरा था। फार्मेलिन चेक किया तो सही थी। दमकल ने पानी से धुलाई करा दी। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और मेडिकल कालेज का स्टाफ पहुंच गया था और समझाया कि गैस लीक नहीं हुई। आधे
घंटे बाद मरीजों को वार्ड में वापस कराया गया।
अब तक की जांच में ऑपरेशन थियेटर में फार्मेलिन केमिकल सही पाया गया है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि केमिकल का प्रयोग रविवार को ऑपरेशन थियेटर में अधिक मात्रा में किया गया होगा। छिड़काव करने के बाद ऑपरेशन थियेटर बंद कर दिया गया था, जो बंद हो जाने के बाद अंदर ही अंदर गंध बनकर धुंआ बनने लगा। उसके बाद कहीं से धुंआ और गंध ओटी से बाहर निकली, जो मरीजों को दिक्कत पैदा करने लगी।
क्या है फार्मेलिन केमिकल
राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों का कहना है कि फार्मेलिन केमिकल एक लिक्विड होता है, जिसका प्रयोग ऑपरेशन थियेटर में सप्ताह में एक बार ही किया जाता है। ऑपरेशन थियेटर में कीड़े मारने, मकड़ी आदि को मारने के लिए इस केमिकल का प्रयोग किया जाता है। केमिकल के छिड़काव के बाद ऑपरेशन थियेटर को बंद कर दिया जाता है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि रविवार को सुबह केमिकल का छिड़काव करके दरवाजा बंद कर दिया गया होगा। अधिक मात्रा में केमिकल का प्रयोग होने की भी आशंका व्यक्त की जा रही है।
ऑक्सीजन के पांच प्लांट में से दो खराब
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन के पांच प्लांट हैं, जिनमें तीन चालू हालत में हैं। जबकि दो प्लांट खराब है और एक प्लांट अभी चालू नहीं है। अफवाह फैली कि प्लांट से गैस लीक हो रही है। अग्निशमन विभाग कर्मचारियों ने देखा कि तीनों प्लांट सही हैं और कहीं गैस लीक नहीं हो रही है।
सीएमएस डा. नेपाल सिंह ने बताया कि फार्मेलिन केमिकल का ऑपरेशन थियेटर में प्रयोग कीड़े-मकोड़े आदि को मारने के लिए किया जाता है। अग्निशमन कर्मचारियों ने ऑपरेशन थियेटर का ताला तोड़ा तो केमिकल सही पाया गया था। कहीं लीकेज नहीं थी। आपरेशन थियेटर में धुंआ और गंध कहां से आई, इसकी जांच की जा रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. राजेश कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन और मेडिकल प्रशासन की अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं। केमिकल लिक्विड होता है, जो ओटी में प्रयोग किया जाता है। गैस का कोई रिसाव नहीं हुआ था और न आग लगी थी। केमिकल का धुंआ हो सकता है। अस्पताल में स्थिति सामान्य है।
